CNN Central News & Network–ITDC India Epress/ITDC News भोपाल: Shiv Sena (UBT) के भीतर राजनीतिक उथल-पुथल उस समय और तेज हो गई, जब वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने आरोप लगाया कि पार्टी के असंतुष्ट सांसदों को अतिरिक्त आर्थिक प्रलोभन दिए गए और पार्टी में फूट डालने की कोशिशों के तहत उन्हें Rajasthan में एक सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। Raut ने दावा किया कि बागी सांसदों को Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट से दूरी बनाने के लिए मनाया जा रहा है, जबकि Lok Sabha में दलबदल की अटकलें तेज हैं।

इस कथित कवायद को “Operation Tudwa” बताते हुए Raut ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर Shiv Sena (UBT) को प्रलोभन और दबाव की रणनीति के जरिए कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया। उनके दावे के मुताबिक, एक अहम संसदीय दल की बैठक से पहले कुछ सांसदों को Delhi से बाहर ले जाया गया, जिससे संगठन के भीतर आंतरिक मतभेद और निष्ठा को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं।

यह विवाद उन खबरों के बीच सामने आया है, जिनमें कहा गया है कि Shiv Sena (UBT) के कई सांसद अलग समूह बनाने या Eknath Shinde के नेतृत्व वाली Shiv Sena के साथ जाने की संभावना तलाश रहे हैं। पार्टी नेताओं ने इसके जवाब में व्हिप जारी किए हैं, रणनीतिक बैठकें की हैं और पार्टी की स्थिति सुरक्षित रखने के लिए संसदीय प्राधिकारियों से संपर्क किया है।

हालांकि इन आरोपों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, लेकिन अब तक इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। प्रतिद्वंद्वी खेमों के नेताओं ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा है कि विधायकों या सांसदों के फैसले आंतरिक राजनीतिक मामले हैं।

इन घटनाक्रमों ने Maharashtra की जारी राजनीतिक लड़ाई में एक नया अध्याय जोड़ दिया है और अब Parliament में Shiv Sena (UBT) की भावी ताकत पर कड़ी नजर बनी हुई है।


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