सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल: राजस्थान के आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में जनरेशन Z की चुनावी राजनीति में उल्लेखनीय एंट्री दिख रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस, दोनों से जुड़े युवा उम्मीदवार नगर निकाय राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं और मुकाबले में नेतृत्व की नई पीढ़ी सामने आ रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान के पांच प्रमुख शहरों में करीब 70 जनरेशन Z उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने BJP की तुलना में अधिक युवा उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं।
युवा उम्मीदवारों की बढ़ती भागीदारी स्थानीय शासन को लेकर बदलती राजनीतिक प्राथमिकताओं और युवा मतदाताओं की बढ़ती रुचि को भी सामने ला रही है। रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास, करियर के अवसर, बुनियादी ढांचा, स्वच्छता और नागरिक सुविधाएं प्रचार के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो रहे हैं।
कांग्रेस ने पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अपना “GenZ for Change” अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत युवा समितियों और डिजिटल संपर्क के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी ओर, BJP अपने संगठनात्मक अभियान को मजबूत कर रही है और टिकटों को लेकर प्रतिस्पर्धा तथा असंतोष के बीच कार्यकर्ताओं से आधिकारिक रूप से चयनित उम्मीदवारों के समर्थन की अपील कर रही है।
राजस्थान में मतदान 9 और 11 सितंबर को होना है, जबकि मतगणना 14 सितंबर को होगी। ये निकाय चुनाव यह परखने का मौका भी देंगे कि युवा उम्मीदवार अपनी डिजिटल दौर वाली अपील और ताजा राजनीतिक छवि को जमीनी चुनावी समर्थन में कितना बदल पाते हैं।
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