सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निर्णयकारी भूमिका को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह पर आगे की सुनवाई टाल दी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग की ओर से दाखिल जवाबी हलफनामे पर प्रतिक्रिया देने के लिए 10 दिन का समय दिया और आगे की कार्यवाही दीवाली अवकाश के बाद तक स्थगित कर दी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने पीठ को बताया कि निर्वाचन आयोग का जवाब पिछली रात ही मिला है। उन्होंने हलफनामे का अध्ययन करने और विस्तृत जवाब तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन की मोहलत दी।
याचिकाओं में यह सवाल उठाया गया है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त ने कुछ मामलों में ऐसे निर्णय अकेले लिए, जिनके लिए बहुसदस्यीय आयोग की सामूहिक मंजूरी आवश्यक बताई गई है। विवाद खास तौर पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों को लेकर है। कुछ याचिकाकर्ताओं ने आयोग के रिकॉर्ड की न्यायिक जांच और कथित प्रक्रियात्मक अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की है।
निर्वाचन आयोग ने आरोपों को खारिज किया है। अपने जवाबी हलफनामे में आयोग ने कहा है कि संबंधित SIR फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए थे। आयोग ने इस दावे को भी विवादित बताया है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में मतदाता-पंजीकरण प्रक्रियाओं में अनधिकृत बदलाव किए गए।
इस कार्यवाही में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिकाएं भी शामिल हैं, जिनमें आयोग के कामकाज की जांच की मांग की गई है। अदालत ने आरोपों पर अभी अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
मामला सामूहिक निर्णय-प्रक्रिया, संस्थागत जवाबदेही और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रियाओं से जुड़े कानूनी सवाल उठाता है। याचिकाकर्ताओं के जवाब दाखिल करने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आगे विचार करेगा।
Hashtags: #दिल्ली #सुप्रीमकोर्ट #ECI #ज्ञानेशकुमार #भारतनिर्वाचनआयोग #SIR #मुख्यचुनावआयुक्त #मतदातासूचीपुनरीक्षण #ECIयाचिकाओंपरसुप्रीम #DelhiState