सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भारत मंडपम में सातवें विश्व एग्रीवोल्टिक्स सम्मेलन के उद्घाटन पर कहा कि सौर ऊर्जा और खेती को जोड़ने वाली परियोजनाओं में छोटे और सीमांत किसानों के हित सबसे पहले रखे जाने चाहिए।
इस तकनीक में ऊंचे सौर पैनलों से बिजली बनती है और नीचे उसी जमीन पर खेती जारी रहती है। चौहान ने कहा कि पैनलों की ऊंचाई और उनके बीच की दूरी ऐसी हो कि जुताई तथा फसल बदलने में परेशानी न आए। बारिश के पानी की सुरक्षित निकासी और कृषि उत्पादन की सुरक्षा भी जरूरी है।
उन्होंने बिजली खरीद, ग्रिड कनेक्शन और समय पर भुगतान की भरोसेमंद व्यवस्था पर जोर दिया। किसान उत्पादक संगठनों की भागीदारी और स्थानीय महिलाओं तथा युवाओं को उपकरण चलाने एवं रखरखाव का प्रशिक्षण देने का सुझाव भी रखा।
मंत्री ने कहा कि कंपनी के परियोजना छोड़ने या अनुबंध खत्म होने पर पैनल हटाने का बोझ किसानों पर नहीं पड़ना चाहिए। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पीएम-कुसुम के अगले चरण में एग्रीवोल्टिक्स कार्यक्रम की योजना बताई। इस घोषणा में किसी नई व्यक्तिगत आवेदन प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया गया।
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