सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में नया विवाद सामने आया है। एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के एक नेता ने भाजपा को चेतावनी दी है कि कथित अनियमितताओं और गरीब रहवासियों के शोषण पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी पार्टी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सत्ता से बाहर निकल सकती है। इस चेतावनी से गठबंधन के भीतर मतभेद फिर सामने आ गए हैं।
शिवसेना के BMC समूह नेता अमेय घोले ने आरोप लगाया कि आवास संबंधी मामलों में रेंट कंट्रोलर और कॉलोनी अधिकारी लोगों से 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इसे आम नागरिकों के साथ अन्याय बताया और दावा किया कि लोगों के हक के घरों से जुड़ी फाइलों पर पैसों की मांग की जा रही है।
घोले ने कहा कि शिवसेना ने यह मुद्दा स्थायी समिति के सामने कई बार उठाया, लेकिन उनके आरोप के अनुसार कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक पार्टी समिति का हिस्सा नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के साथ अन्याय सहने के बजाय शिवसेना सत्ता छोड़ने को तैयार रहेगी।
यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि मुंबई के निकाय प्रशासन में फिलहाल भाजपा और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना साथ हैं। ताजा टकराव शासन, जवाबदेही और स्थानीय राजनीतिक नियंत्रण को लेकर दोनों सहयोगी दलों के बीच जारी तनाव को दिखाता है।
इस चेतावनी से महायुति के भीतर बातचीत और तीखी हो सकती है तथा प्रशासन पर आरोपों को लेकर कार्रवाई का दबाव बढ़ सकता है।
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