सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। कांग्रेस नेता नाना पटोले के हालिया बयान ने कोविड-19 टीकाकरण की सुरक्षा और वैज्ञानिक प्रमाणों को लेकर फिर बहस छेड़ दी है। पटोले ने दावा किया कि कोविड-19 टीके लगने के बाद कैंसर और अचानक हार्ट अटैक के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। हालांकि, टीकाकरण और इन स्वास्थ्य समस्याओं के बीच सीधा संबंध साबित करने के लिए उन्होंने कोई वैज्ञानिक प्रमाण पेश नहीं किया।
केंद्र सरकार कोविड-19 टीकाकरण को अचानक और अस्पष्ट मौतों से जोड़ने वाले दावों को पहले ही खारिज कर चुकी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) के अध्ययनों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि कोविड-19 टीकाकरण से युवा वयस्कों में अचानक मौत का जोखिम बढ़ा हो। ICMR समर्थित अध्ययन में 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के उन व्यक्तियों की जांच की गई थी, जो सामान्य रूप से स्वस्थ माने जाते थे और अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के बीच 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अचानक मौत का शिकार हुए।
सरकार के अनुसार, अचानक हृदय संबंधी मौतों के पीछे आनुवंशिक स्थितियां, जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियां और कोविड के बाद की जटिलताएं जैसे कई कारण हो सकते हैं। ICMR के सहयोग से AIIMS का एक अध्ययन भी युवाओं में अचानक मौतों के कारणों की जांच कर रहा है।
इस विवाद ने टीकों और गंभीर बीमारियों के बीच कोई सीधा संबंध तय करने से पहले सत्यापित वैज्ञानिक प्रमाणों पर भरोसा करने की जरूरत को सामने रखा है।
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