सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एथलीट के शक से खुला फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट, नौकरी के लिए करोड़ों का खेल

महाराष्ट्र के पुणे में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि पुणे शहर पुलिस की 2024 से 2026 तक चली भर्ती प्रक्रिया में 19 उम्मीदवारों ने कुराश और ड्रैगन बोट जैसे खेलों के कथित फर्जी प्रमाणपत्र जमा कर खेल कोटे का लाभ लिया। मामले में महाराष्ट्र राज्य कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुश नागर और सचिव शिवाजी साळुंखे को गिरफ्तार किया गया है।

एथलीट के शक से शुरू हुई जांच मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति को पुणे पुलिस भर्ती में 19 उम्मीदवारों के खेल प्रमाणपत्रों को लेकर संदेह हुआ। उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी और संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। इसके बाद पुलिस ने प्रमाणपत्रों और भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू की। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि इन उम्मीदवारों ने खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से जुड़े ऐसे दस्तावेज पेश किए थे, जिनकी वास्तविकता पर सवाल उठे। पुलिस के अनुसार संबंधित खेल प्रतियोगिताएं वास्तव में आयोजित नहीं हुई थीं, फिर भी उम्मीदवारों ने उनमें भाग लेने का रिकॉर्ड तैयार कराया।

3 से 5 लाख रुपये तक लेने का आरोप पुलिस जांच के अनुसार कथित फर्जी खेल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के बदले उम्मीदवारों से करीब 3 से 5 लाख रुपये तक लिए जाने की जानकारी सामने आई है। यही वजह है कि मामले को सिर्फ फर्जी दस्तावेज का मामला नहीं बल्कि संगठित खेल-कोटा भर्ती रैकेट के तौर पर देखा जा रहा है।

19 उम्मीदवारों को मिला नौकरी का लाभ पुणे पुलिस के अनुसार 2024-2026 की भर्ती प्रक्रिया में 19 उम्मीदवार कथित तौर पर फर्जी कुराश और ड्रैगन बोट प्रमाणपत्र के आधार पर भर्ती हुए। इनमें से नौ उम्मीदवार पुलिस प्रशिक्षण के लिए भी जा चुके थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने उम्मीदवार शामिल थे तथा फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए किन-किन सरकारी नौकरियों में लाभ लिया गया।

खेल विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में पुलिस के मुताबिक 2020 के बाद लागू सरकारी नियमों के तहत राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में शासन के प्रतिनिधि की मौजूदगी जरूरी थी। आरोप है कि संबंधित कुराश संगठन ने खेल संचालनालय को जानकारी दिए बिना प्रतियोगिता आयोजित करने का दावा किया। अब इस मामले में खेल विभाग की ओर से भी जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित फर्जी प्रमाणपत्रों को तैयार और मान्य कराने की प्रक्रिया कैसे चली।

आगे बढ़ सकती है जांच पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र राज्य कुराश एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव के अलावा कुछ अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने 8 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। जांच के दौरान पुलिस उम्मीदवारों, खेल संगठनों और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। यह मामला सरकारी भर्ती में खेल कोटे की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो फर्जी खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले उम्मीदवारों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


Hashtags: #MaharashtraState #Bhopal #Desksource #एथल #एनएन #टवर #DeskSource #आईट #सरक #करन