सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बड़े राजनीतिक झटके के बाद एकजुटता और मजबूती का संदेश देने की कोशिश की। इसके तहत उन्होंने महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई। यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब पार्टी के छह लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी शिवसेना गुट में शामिल हो गए, जिससे UBT खेमे में संकट और गहरा गया।

बैठक में पार्टी के 26 में से 22 विधायक मौजूद रहे, जबकि चार अनुपस्थित रहे। इसे ठाकरे की ओर से यह दिखाने की कोशिश माना गया कि हालिया दलबदल की लहर के बावजूद पार्टी का विधायी दल अब भी उनके नेतृत्व के साथ खड़ा है।

बागियों के खिलाफ जवाबी मोर्चा खोलते हुए ठाकरे ने 26 से 29 जून के बीच दलबदल करने वाले छह सांसदों के संसदीय क्षेत्रों का दौरा करने की योजना का ऐलान किया। इस जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद करना, पार्टी संगठन को मजबूत करना और दलबदल से प्रभावित इलाकों में समर्थकों को भरोसा दिलाना है।

इन घटनाक्रमों को शिवसेना पर नियंत्रण की लंबी लड़ाई का एक और अहम अध्याय माना जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, आने वाले ये क्षेत्रीय दौरे इस बात की अहम परीक्षा होंगे कि ठाकरे जमीनी समर्थन कितना बनाए रख पाते हैं और महाराष्ट्र में भविष्य की चुनावी लड़ाइयों से पहले गति फिर से कायम कर पाते हैं या नहीं।


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