सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फोन में पानी गया तो 29 प्रतिशत लोग अपनाते हैं चावल वाला जुगाड़, रिपोर्ट में खुलासा
आज के समय में मोबाइल फोन लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। फोन गिरने या पानी में भीगने पर लोग उसे बचाने के लिए कई घरेलू उपाय अपनाते हैं। एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि 29 प्रतिशत भारतीयों ने पानी से खराब हुए फोन को चावल में रखकर ठीक करने की कोशिश की। यह तरीका लंबे समय से घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
वनअसिस्ट और हंसा रिसर्च की संयुक्त अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, 82 प्रतिशत भारतीयों ने कम से कम एक बार अपना मोबाइल फोन गिराया, जबकि 72 प्रतिशत लोगों ने किसी न किसी तरह का आकस्मिक नुकसान झेला है। फोन खराब होने के बाद कई लोग उसे तुरंत बदलने के बजाय घरेलू उपायों या स्थानीय मरम्मत के जरिए चलाने की कोशिश करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पानी से खराब फोन को चावल में रखने के अलावा 20 से 32 प्रतिशत लोगों ने टेप या दूसरे अस्थायी उपायों का भी इस्तेमाल किया। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार पानी में भीगे फोन को चावल में रखना भरोसेमंद मरम्मत का तरीका नहीं माना जाना चाहिए। फोन में पानी जाने के बाद उसे चालू रखने या चार्ज करने से आंतरिक हिस्सों को नुकसान बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में फोन को तुरंत बंद करना और उसे चार्ज करने से बचना बेहतर होता है। यदि फोन में पानी जाने के बाद स्क्रीन, बैटरी या चार्जिंग स्थान से जुड़ी समस्या दिखाई दे तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय अधिकृत मरम्मत केंद्र पर जांच कराना सुरक्षित विकल्प है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि फोन टूटने या गिरने का असर लोगों की भावनाओं पर भी पड़ता है। करीब 35 प्रतिशत लोगों ने फोन गिरने के बाद घबराहट महसूस होने की बात कही, जबकि 15 प्रतिशत लोगों ने फोन खराब होने के कारण अपनी योजनाएं तक रद्द कर दीं।
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