आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के कैंडिडेट्स की डिबेट शुरु हो चुकी है। इस दौरान बुधवार को हुई दूसरे बहस में रिपब्लिकन पार्टी के कैंडिडेट्स से अमेरिका में अवैध प्रवासियों की लगातार बढ़ती आबादी रोकने को लेकर सवाल किया गया।
इस पर भारतीय मूल के कैंडिडेट विवेक रामास्वामी ने कहा कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो अमेरिका में पैदा होने वाले गैरकानूनी प्रवासियों के बच्चों को मिलने वाली नागरिकता बंद करा देंगे। इस मुद्दे पर उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी ट्रम्प का रुख अपनाया है।
दूसरी बहस बुधवार को कैलिफोर्निया के सिमी वैली में ‘रोनाल्ड रीगन प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी एंड म्यूजियम’ में आयोजित की गई। इस बहस में रामास्वामी, फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस और निक्की हेली सहित छह अन्य उम्मीदवार भी शामिल थे। हालांकि, ट्रम्प जो खुद का कैंडिडेट घोषित कर चुके हैं न तो पहली डिबेट में शामिल होने आए और न ही दूसरी डिबेट में हिस्सा लिया। इसके बावजूद सारी बहस उन्हीं के इर्द-गिर्द रही।
अवैध प्रवासियों के खिलाफ ट्रम्प की प्लानिंग का इस्तेमाल
वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक रामास्वामी ने बताया कि वो अवैध प्रवासियों की अमेरिका में एंट्री रोकने के लिए 2015 के प्रस्ताव का इस्तेमाल करेंगे। दरअसल, 2015 का प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रम्प का ही था। इसके मुताबिक अमेरिका में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के बच्चों को नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि उनके माता-पिता ने देश में रहने के लिए कानून तोड़ा था।
अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले सभी लोग वहां के नागरिक होंगे। सिर्फ रामास्वामी ही नहीं रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर उम्मीदवार प्रवासियों के खिलाफ हैं। डिबेट के दौरान रामास्वामी ने अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर शरणार्थियों को रोकने के लिए सेना तैनात करने को कहा है।
राष्ट्रपति बने तो यूक्रेन को मदद नहीं देंगे
विवेक रामास्वामी ने यह भी कहा है कि वो रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन नहीं करेंगे। उनका ये बयान भी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय से मेल खाता है।
बहस के दौरान रामास्वामी ने कहा- सिर्फ इसलिए कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन एक तानाशाह हैं इसका ये मतलब नहीं है कि यूक्रेन कोई भला देश है। यह ऐसा देश है जिसकी सरकार ने अपने देश के 11 विपक्षी दलों को प्रतिबंधित कर दिया है।
H-1B वीजा खत्म करेंगे विवेक रामास्वामी
विवेक रामास्वामी ने इससे पहले 17 सितंबर को H-1B वीजा के मुद्दे पर अहम बयान दिया था। उन्होंने कहा था- मैं अगर प्रेसिडेंट बनता हूं कि इस वीजा को खत्म कर एक नया वीजा सिस्टम लॉन्च करूंगा। H-1B सिस्टम एक तरह से ‘कॉन्ट्रैक्ट लेबर’ या बंधुआ मजदूरी और गुलामी का प्रतीक है।
खास बात यह है कि खुद विवेक ने 2018 से 2023 तक इसी वीजा कैटेगरी का इस्तेमाल 29 बार किया है। ऐसे में इस कैटेगरी को खत्म करने का वादा करके उन्होंने नई बहस को जन्म दे दिया है।