CNN Central News & Network-ITDC India Epress/ITDC News भोपाल: मध्य पूर्व में तनाव उस समय तेज़ी से बढ़ गया, जब ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका की कई सैन्य स्थापनाओं पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने दावा किया कि उसने हाल में होरमुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमेरिका के 21 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

प्रमुख निशानों में जॉर्डन का Muwaffaq Salti Air Base भी शामिल था, जहां अमेरिकी सैन्यकर्मी और उन्नत लड़ाकू विमान तैनात हैं। जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान की पांच आ रही मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही सफलतापूर्वक मार गिराया। अधिकारियों ने कहा कि रोकी गई इन मिसाइलों से न तो कोई हताहत हुआ और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ।

ईरान की यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के बाद हुई, जिनमें ईरानी रडार, वायु रक्षा और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। वॉशिंगटन ने इन हमलों को खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संसाधनों से जुड़े घटनाक्रमों के जवाब में की गई रक्षात्मक कार्रवाई बताया। वहीं, तेहरान ने अपनी कार्रवाई को वैध जवाबी कदम करार दिया और चेतावनी दी कि यदि ईरानी हितों पर हमले जारी रहे तो इसके और भी परिणाम होंगे।

क्षेत्रीय सरकारों ने व्यापक संघर्ष की आशंका के बीच सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं। ताजा घटनाक्रम ने क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापक युद्ध को रोकने के लिए जारी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वित्तीय बाजारों ने भी सतर्क प्रतिक्रिया दी, जबकि रणनीतिक रूप से अहम होरमुज जलडमरूमध्य में संभावित बाधा की आशंकाओं के बीच तेल कीमतों में बढ़त दर्ज की गई।


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