CNN Central News & Network–ITDC India ePress/ITDC News भोपाल: संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान, इज़राइल और क्षेत्रीय सहयोगियों से जुड़ा संघर्ष एक नए अस्थिर चरण में प्रवेश कर गया है, जिससे पश्चिम एशिया में व्यापक अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। हालिया घटनाक्रम में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी Apache हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमले शामिल हैं। U.S. Central Command ने इस कार्रवाई को कथित ईरानी आक्रामकता के जवाब में “अनुपातिक प्रतिक्रिया” बताया, जबकि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है।
इसके बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कई प्रक्षेपास्त्रों को बीच में ही रोक लिया गया। क्षेत्रीय सरकारों ने इस तनाव वृद्धि की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि लगातार जारी शत्रुता क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए खतरा बन सकती है।
इस संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ा है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित बाधा की आशंका से निवेशकों की प्रतिक्रिया के बीच तेल कीमतों में बढ़ोतरी हुई। विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय जोखिम प्रीमियम जोड़ दिया है।
इसी बीच, युद्धविराम पर चर्चा और वार्ता की खबरों के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। हालांकि, बार-बार हो रही गोलाबारी, लेबनान में इज़राइल और Hezbollah से जुड़ा तनाव तथा भविष्य की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर अनिश्चितता ने हालात को बेहद नाजुक बनाए रखा है। Russia और China सहित अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष टालने के लिए संयम बरतने की अपील की है।
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