सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की दिशा में हुए हालिया कूटनीतिक प्रयासों के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच संवाद स्थापित कराने में उनकी सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शहबाज शरीफ ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान ने पर्दे के पीछे कई स्तरों पर संपर्क बनाए रखा और वार्ता का माहौल तैयार करने में सहयोग दिया।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार समर्थक नेताओं ने इसे पाकिस्तान की कूटनीतिक सफलता बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए सरकार से ठोस प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि यदि पाकिस्तान ने वास्तव में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है तो इसके बारे में आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ संपर्क बनाए रखा था। हालांकि किसी भी पक्ष ने अब तक पाकिस्तान को औपचारिक मध्यस्थ के रूप में स्वीकार नहीं किया है। इसके बावजूद शहबाज शरीफ के बयान को पाकिस्तान की विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आर्थिक और आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रिय भूमिका को उजागर कर घरेलू स्तर पर अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास बता रहा है।
फिलहाल ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान की ओर से आगे आने वाले आधिकारिक बयानों पर नजर बनी हुई है। यदि पाकिस्तान की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलती है तो यह शहबाज सरकार के लिए बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि मानी जा सकती है, लेकिन अभी इस दावे को लेकर बहस जारी है।
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