सेन ने यात्रा के दौरान श्री गांधी को मध्यप्रदेश केश शिल्पी

कांग्रेस की गतिविधियों से अवगत कराया

आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल । केश शिल्पी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनोद सेन ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अभा कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी से मुलाकात कर प्रदेश में व्याप्त केश शिल्पियों (सेन समाज) की समस्याओं से अवगत कराया एवं अति पिछड़ी समाजों को राजनैतिक हिस्सेदारी मिल सके यह बात रखी और देश एवं प्रदेश में इन वर्गों को समाज एवं राजनीति में मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें हिस्सेदारी का अवसर मिल सके।
सेन ने श्री गांधी को अवगत कराया कि प्रदेश का सेन समाज सहित अन्य छोटे समाज प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से त्रस्त हैं, यह वर्ग दिन भर की अपनी छोटी आमदनी से दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज होता है। इस वर्ग के लिए सरकार ने कोई नीति निर्धारित नहीं कि जिससे उसे समाज में उचित सम्मान मिल सके। सरकार के मुखिया शिवराजसिंह चौहान द्वारा बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो की जाती है, लेकिन वे केवल कागजों में सिमटा कर नस्ती बंद कर दी जाती है। श्री सेन ने श्री राहुल गांधी जी से इस मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश केश शिल्पी कांग्रेस की विभिन्न गतिविधियों और संगठन के कामकाज से अवगत कराया। उन्होंने श्री गांधी को बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सेन समाज सहित उससे जुड़ी अन्य समाज पर लगातार अत्याचार और अन्याय किया जा रहा है।
सेन ने श्री राहुल गांधी को विश्वास दिलाते हुए कहा कि आगामी 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हर व्यक्ति से सीधे संपर्क रखने वाले केश शिल्पी सेन समाज की महती भूमिका रहेगी और कमलनाथ जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने के लिए इस वर्ग का मतदाता कांग्रेस पार्टी को भारी संख्या में वोट देगा। उन्हांेने कहा कि देश में भाजपा द्वारा जाति और धर्म के आधार पर लोगों को तोड़ने की राजनीति का अंत श्री राहुल गांधी जी द्वारा निकाली जा रही भारत जोड़ों यात्रा के माध्यम से निश्चित है। क्योंकि यह इस पूरी यात्रा में जनता का जो समर्थन मिला है, उससे साफ है कि देश और प्रदेश की जनता भाजपा के छल, प्रपंच, झूठ और फरेब की राजनीति से मुक्ति चाहती है।
सेन ने भारत जोड़ों यात्रा के दौरान आदरणीय राहुल गांधी जी के हुई इस मुलाकात को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए प्रदेश के केश शिल्पी समाज को गौरवपूर्ण  बताया।
उक्त जानकारी संस्थान के जनसंपर्क विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति द्वारा दी गई।