सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पश्चिम मध्य रेल के सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना, निशातपुरा, भोपाल में मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रफुल्ल वी. कोहाड़े के संरक्षण में 'एक शाम पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र के नाम' साहित्यिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन कारखाना के प्रशासनिक भवन स्थित सभाकक्ष में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सोहन सिंह परमार ने की, जबकि प्रख्यात साहित्यकार घनश्याम मैथिल 'अमृत' मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात कारखाना की सांस्कृतिक अकादमी के कलाकारों ने संगीतमय सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के संयोजक एवं संपर्क राजभाषा अधिकारी तथा सहायक कार्मिक अधिकारी संदीप शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस साहित्यिक संध्या में कारखाना के नौ रेल कवियों— बी.एन. तिवारी, संत कुमार मालवीय, नीतिराज चौरे, अखिलेश लोधी, नमन चौकसे, पंकज दमाड़े, अनिल कुमार साकेत, आशीष कुमार गुप्ता तथा जयश्री ठाकुर ने पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की प्रसिद्ध ग़ज़लों को अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने अपनी मौलिक रचनाओं का भी प्रभावशाली पाठ किया। ग़ज़लों, गीतों, पैरोडी तथा हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को बशीर बद्र की साहित्यिक विरासत के रंग में रंग दिया और श्रोताओं को देर तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में सोहन सिंह परमार ने कहा, "हिंदी हमारी माँ है तो उर्दू हमारी मासी (मौसी) है, और मासी का अर्थ भी माँ जैसी ही होता है।" उन्होंने कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 मान्यता प्राप्त भाषाएँ हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहर हैं तथा प्रत्येक भाषा सम्मान की पात्र है। उन्होंने सभी से दैनिक सरकारी कार्यों में राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान भी किया।

भोपाल कारखाना में गूंजी पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र की शायरी

मुख्य अतिथि घनश्याम मैथिल 'अमृत' ने अपने उद्बोधन में पद्मश्री डॉ. बशीर बद्र से जुड़ी व्यक्तिगत मुलाकातों और संस्मरणों को साझा करते हुए उनकी सादगी, मानवीय संवेदनशीलता तथा देशप्रेम के प्रेरक प्रसंग सुनाए। उनके वक्तव्य ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में अक्षय गंगरवाल (कार्य प्रबंधक-यांत्रिक), शिवम असाटी (कार्य प्रबंधक-विद्युत), आशीष कुमार झारिया (कार्य प्रबंधक), आर.के. उपाध्याय (एसीएमटी), रमेश कुमार रंगा (सहायक सामग्री प्रबंधक) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का छायांकन रामगोपाल आठनेरे ने किया।

समापन अवसर पर अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि का शाल, श्रीफल, स्मृति चिह्न एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ ग़ज़लकार एवं गीतकार बी.एन. तिवारी ने किया, जबकि अंत में संपर्क राजभाषा अधिकारी एवं सहायक कार्मिक अधिकारी संदीप शर्मा ने अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, रेल कवियों तथा उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


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