आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के आरोपी निखिल गुप्ता के परिवार की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (4 जनवरी) को खारिज कर दी। याचिका में आरोप लगाया था कि निखिल को प्राग (चेक रिपब्लिक) की जेल में गैर कानूनी तरीके से कैद करके रखा गया है। उसे कानूनी मदद (काउंसलर एक्सेस) मिलनी चाहिए और भारत को मामले में दखल देना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। उन्होंने याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। आप वियना संधि के तहत काउंसलर एक्सिस (राजनयिक पहुंच) के हकदार हैं, जो आपको मिल चुका है। हमें विदेशी कोर्ट के अधिकार क्षेत्र और संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
निखिल को सुअर का मीट खिलाने का आरोप
निखिल गुप्ता के परिवार की ओर से लगाई गई याचिका में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसमें प्राग में निखिल के मानव अधिकारों के उल्लंघन की बात कही गई थी। साथ ही कहा गया था कि उसे जेल में खाने के लिए जबरन सुअर और गाय का मीट दिया गया, जो हिंदू रीति रिवाजों के खिलाफ है। उसने अधिकारियों को इस बारे में बताया भी, लेकिन उसे शाकाहारी खाना नहीं मिला।
प्राग के अधिकारियों ने उससे कहा था कि अमेरिका की इजाजत के बिना वह किसी को भी फोन नहीं कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निखिल को पहली बार 19 जुलाई को भारतीय अधिकारी से संपर्क करने की इजाजत दी गई थी। तब तक उसकी गिरफ्तारी को 20 दिन हो चुके थे।
गिरफ्तार कर कार में बैठाया, फोन छीना, 3 घंटे पूछताछ की
याचिका के मुताबिक, प्राग के वैक्लेव हेवल एयरपोर्ट के इमिग्रेशन सेंटर से निकलने के बाद निखिल को अमेरिकी एजेंट्स ने गिरफ्तार किया था, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। गिरफ्तार करने के बाद उसे एक काले रंग की कार में बैठाया गया गया था और उसका फोन छीन लिया गया था। याचिका में बताया गया कि कार में निखिल से करीब 3 घंटे तक पूछताछ हुई।
इसके बाद कथित अमेरिकी अधिकारियों ने उसे लोकल पुलिस के हवाले कर दिया। यहां उसका ब्लड टेस्ट और बायोमेट्रिक डेटा लिया गया। याचिका में कहा गया है कि निखिल की गिरफ्तारी के बारे में चेक रिपब्लिक में मौजूद भारतीय दूतावास को भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका निखिल को अपने देश लाने की कोशिश में लगा हुआ है।
चार्जशीट में क्या है
अमेरिका में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के मामले में 29 नवंबर को न्यूयॉर्क पुलिस की चार्जशीट सामने आई थी। इसमें भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप है। इसमें लिखा है- भारत के एक पूर्व CRPF अफसर ने उसे पन्नू की हत्या की प्लानिंग करने को कहा था।
चार्जशीट में लिखा है कि भारतीय अफसर के कहने पर निखिल ने एक अपराधी से पन्नू के मर्डर के लिए कॉन्टैक्ट किया, लेकिन असल में वह एक अमेरिकी एजेंट था। इस एजेंट ने निखिल की पहचान एक और अंडरकवर अधिकारी से कराई, जिसने पन्नू का मर्डर करने की बात कही। इसके लिए करीब 83 लाख रुपए में डील हुई थी।