सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : तकनीक के इस्तेमाल से रोके जा सकते हैं परीक्षा पेपर लीक: नंदन नीलेकणी

इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं पर तकनीक के अधिक इस्तेमाल से व्यवस्थित तरीके से रोक लगाई जा सकती है। परीक्षा सुधारों के लिए गठित उच्चस्तरीय कार्यबल का नेतृत्व कर रहे नीलेकणी ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में तकनीकी समाधानों की भूमिका पर जोर दिया। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। ऐसी घटनाओं से परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होती है और अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है। इसके अलावा, परीक्षा रद्द होने या दोबारा आयोजित किए जाने से विद्यार्थियों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

नीलेकणी के अनुसार, तकनीक पर अधिक निर्भरता से प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षित रखने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है। डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था, सीमित पहुंच, एन्क्रिप्शन और निगरानी जैसे उपाय प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।हालांकि, केवल तकनीक के इस्तेमाल से पेपर लीक की समस्या पूरी तरह समाप्त होने की गारंटी नहीं है। इसके लिए मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था, अधिकारियों की जवाबदेही, सुरक्षित प्रक्रियाओं और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी आवश्यक है।

परीक्षा सुधारों का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिले और परीक्षा प्रक्रिया पर उनका भरोसा बना रहे। तकनीक और प्रशासनिक सुधारों के प्रभावी समन्वय से प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका कम करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।


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