सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल। घरेलू शोध और तकनीकी नवाचार को मजबूत करने की दिशा में भारत ने एक और कदम बढ़ाया है। Empowered Group of Secretaries (EGoS) ने 13 अक्टूबर, 2026 को ₹1 लाख करोड़ के Research, Development and Innovation (RDI) Fund के तहत पांच और तकनीकों को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य शोध में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देना, उन्नत तकनीकों के विकास को सहारा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
योजना के तहत 19 फंड मैनेजरों को जोड़ा गया है, ताकि पात्र शोध और नवाचार परियोजनाओं तक वित्तीय सहायता पहुंचाई जा सके। इनमें Indian Institutes of Technology (IITs), Indian Institute of Science (IISc) और BITS Pilani जैसे प्रमुख तकनीकी और शोध संस्थानों से जुड़े संस्थान शामिल हैं।
RDI Fund निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और उन नवाचारकर्ताओं को समर्थन देने के लिए तैयार किया गया है, जो उच्च प्रभाव वाली तकनीकों पर काम कर रहे हैं। लंबी अवधि की फंडिंग तक बेहतर पहुंच देकर यह पहल शोध-आधारित व्यवसायों की उस बड़ी चुनौती को संबोधित करती है, जिसमें नई तकनीक विकसित करने की लागत अधिक होती है और परिणामों को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
पांच और तकनीकों की मंजूरी से योजना का दायरा बढ़ने और नवाचार आधारित उद्यमों के लिए अधिक अवसर खुलने की उम्मीद है। अनुभवी फंड मैनेजरों की भागीदारी संभावनाशील परियोजनाओं की पहचान करने और उन्हें उपयुक्त वित्तीय संसाधनों से जोड़ने में भी मदद कर सकती है।
यह पहल घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने, स्वदेशी तकनीकी क्षमताएं विकसित करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा सुधारने की भारत की व्यापक महत्वाकांक्षा से जुड़ी है। इसका दीर्घकालिक असर प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी फंड आवंटन और शोध परिणामों के सफल व्यावसायीकरण पर निर्भर करेगा।
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