सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल: महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने शिशु फार्मूला, शिशु आहार और फीडिंग बोतलों से जुड़े नियमों का पालन कड़ा करने के लिए राज्यव्यापी आदेश जारी किया है। आदेश में इनके निर्माण, लेबलिंग, बिक्री और प्रचार पर सख्त नियंत्रण तय किए गए हैं, खासकर भ्रामक विज्ञापनों और डिजिटल प्रचार पर।

नए नियमों के तहत शिशु दूध विकल्प, शिशु आहार और फीडिंग बोतलों के विज्ञापन सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंधित रहेंगे। मुफ्त सैंपल, उपहार, कूपन, कैशबैक ऑफर, डिस्काउंट अभियान, इन्फ्लुएंसर प्रमोशन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया तथा मैसेजिंग एप्लिकेशन पर क्रॉस-प्रमोशन भी पाबंदियों के दायरे में आएंगे।

FDA ने निर्देश दिया है कि शिशु आहार के हर पैकेट पर “Mother's Milk is Best for Your Baby.” संदेश प्रमुखता से छापा जाए। लेबल पर यह भी लिखा होना चाहिए कि उत्पाद का इस्तेमाल स्वास्थ्यकर्मी की सलाह पर ही किया जाए। पूरक आहारों पर यह निर्देश देना होगा कि इन्हें केवल छह महीने के बाद ही शुरू किया जाए।

आदेश में शिशु या महिलाओं की तस्वीरों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। “humanised”, “maternalised”, “complete food” और “health food” जैसे प्रचारात्मक विवरण भी प्रतिबंधित किए गए हैं। शिशु आहार उत्पादों में प्रिजर्वेटिव, जोड़े गए रंग और फ्लेवर पर भी नियंत्रण रहेगा, जबकि सुक्रोज या फ्रक्टोज का इस्तेमाल केवल जरूरत होने पर और निर्धारित सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा।

निर्माताओं, आयातकों और ब्रांड मालिकों को 30 दिन के भीतर लाइसेंस, उत्पाद मंजूरी, फॉर्मूलेशन, लेबलिंग और प्रचार संबंधी प्रक्रियाओं का सेल्फ-ऑडिट कर अनुपालन घोषणाएं जमा करने को कहा गया है। नामित अधिकारियों को निर्माताओं, वितरकों, फार्मेसियों, अस्पताल आपूर्तिकर्ताओं और ऑनलाइन विक्रेताओं की मैपिंग कर निरीक्षण शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। भ्रामक विज्ञापन या जरूरी लाइसेंस के बिना संचालन पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। FDA ने स्वास्थ्य संस्थानों और बाल रोग विशेषज्ञों से शिशु आहार उत्पादों से जुड़े संदिग्ध प्रतिकूल प्रभावों की सूचना देने को भी कहा है।

महाराष्ट्र FDA के अनुसार, इन उपायों का मकसद मौजूदा शिशु पोषण कानूनों का अनुपालन मजबूत करना और ऐसे प्रचार तरीकों को रोकना है, जो अभिभावकों को भ्रमित कर सकते हैं। आदेश उन निर्माताओं, ब्रांड मालिकों, आयातकों, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं, फार्मेसियों, अस्पताल आपूर्तिकर्ताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लागू होगा, जो इन उत्पादों से जुड़े हैं।


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