सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एलएनसीटी विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र अंग्शुजॉय दास ने कराटे प्रतियोगिता प्रबंधन और खेल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर विश्वविद्यालय तथा भारतीय कराटे जगत को गौरवान्वित किया है। अंग्शुजॉय दास को कराटे प्रतियोगिताओं में जॉयस्टिक प्रणाली का भारत में पहली बार सफलतापूर्वक उपयोग करने के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कराटे प्रतियोगिता प्रबंधन में वायरलेस जॉयस्टिक प्रणाली का विश्व स्तर पर पहली बार सफल प्रयोग कर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है।
जॉयस्टिक प्रणाली का प्रथम सफल उपयोग इंडिया ओपन अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप श्रृंखला–2 के दौरान नई दिल्ली स्थित तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में किया गया। इसके पश्चात वायरलेस जॉयस्टिक प्रणाली का सफल क्रियान्वयन दसवीं अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप – इंडियन चैलेंजर्स कप 2026 में कोलकाता स्थित नेताजी इंडोर स्टेडियम में किया गया। इस तकनीक ने कराटे प्रतियोगिताओं के संचालन, निर्णय प्रक्रिया तथा अंक निर्धारण व्यवस्था को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस उपलब्धि पर एलएनसीटी समूह के सचिव एवं कुलाधिपति जेएनसीटीपीयू अनुपम चौकसे तथा एलएनसीटी ग्रुप के खेल निदेशक पंकज कुमार जैन ने अंग्शुजॉय दास को बधाई देते हुए उनके नवाचार और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेलों में आधुनिक तकनीक का समावेश भविष्य में भारतीय खेलों को नई दिशा प्रदान करेगा।
खेल एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए अंग्शुजॉय दास को पंचम खेल उपलब्धि सम्मान से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें एलएनसीटी विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज उपलब्धि तथा पंचम खेल उपलब्धि सम्मान से सम्मानित होना अंग्शुजॉय दास के निरंतर प्रयास, नवाचारी सोच और खेलों के आधुनिकीकरण के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। उनकी यह सफलता न केवल कराटे जगत, बल्कि खेल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
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