सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 2025 की मोस्ट अवेटेड माइथोलॉजिकल फिल्मों में से एक ‘कन्नप्पा’ आखिरकार 27 जून को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता थी, खासकर क्योंकि इस फिल्म से अक्षय कुमार ने तेलुगु सिनेमा में कदम रखा है और प्रभास के साथ स्क्रीन शेयर किया है।
फिल्म की स्टारकास्ट बनी हाइलाइट
फिल्म में विष्णु मंचू ने कन्नप्पा का टाइटल रोल निभाया है – एक ऐसा किरदार जो भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ता। वहीं अक्षय कुमार ने भगवान शंकर की भूमिका निभाई, जो उनके करियर का एक नया अध्याय है। प्रभास, मोहनलाल, और काजल अग्रवाल जैसे सितारों की मौजूदगी ने फिल्म को और भी भव्य बना दिया।
कहानी और निर्देशन
फिल्म की कहानी उस भक्त ‘कन्नप्पा’ पर आधारित है जिसने भगवान शिव के लिए अपनी आंखें तक दान कर दी थीं। यह कथा भक्ति, बलिदान और ईश्वर के प्रति निष्ठा की पराकाष्ठा को दर्शाती है। भव्य वीएफएक्स, शक्तिशाली संवाद, और सिनेमेटोग्राफी दर्शकों को आकर्षित करने में कामयाब रही है।
सोशल मीडिया रिएक्शन
‘जय भोलेनाथ’ और ‘Emotional & Divine’ जैसे रिएक्शन ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं। फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वालों ने फिल्म को 5 में से 4 स्टार दिए हैं। खासकर अक्षय कुमार के अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है।
पास या फेल?
दर्शकों की मानें तो कन्नप्पा ने टेस्ट पास कर लिया है। न केवल भक्तिभाव से भरपूर इस फिल्म ने भावनात्मक रूप से जोड़ा, बल्कि तकनीकी रूप से भी यह फिल्म मजबूत रही।
निष्कर्ष:
‘कन्नप्पा’ केवल एक माइथोलॉजिकल ड्रामा नहीं बल्कि भारतीय आस्था और संस्कृतिक परंपरा का विजुअल सेलिब्रेशन है। अगर आप आध्यात्मिकता और भव्य सिनेमा का संगम देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म ज़रूर देखें।
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