सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ दिल्ली : गौशाला तोड़ने पर भावुक हुईं जागृति, स्वाति मालीवाल ने 15 लाख की मदद की घोषणा

नई दिल्ली। दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा के निर्माणाधीन पशु आश्रय स्थल की चारदीवारी तोड़े जाने का मामला चर्चा में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात के दौरान जागृति भावुक हो गईं और रोते हुए उनके कंधे से लग गईं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता देने और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी जागृति की मदद के लिए 15 लाख रुपये तक की सहायता देने की घोषणा की है।

क्या है पूरा मामला?

जागृति मिश्रा ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ नामक संस्था के माध्यम से घायल, बेसहारा और लावारिस पशुओं की देखभाल करती हैं। वह दिल्ली के निजामपुर क्षेत्र में पशुओं के लिए आश्रय स्थल और अस्पताल तैयार कर रही थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किए जा चुके थे। जागृति का आरोप है कि निर्माणाधीन आश्रय स्थल की चारदीवारी को बिना पूर्व सूचना के तोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना से पहले उनसे रिश्वत मांगी गई थी और इनकार करने के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और पशु आश्रय स्थल की स्थापना में सहयोग देने के निर्देश दिए। दिल्ली नगर निगम ने 26 अक्टूबर को इस मामले में जूनियर इंजीनियर विकास कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया। हालांकि, निलंबन अपने आप में किसी आरोप के साबित होने का प्रमाण नहीं है।

स्वाति मालीवाल ने भी की मदद की घोषणा मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद स्वाति मालीवाल ने भी जागृति मिश्रा को सहायता देने का भरोसा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पशु आश्रय और अस्पताल के निर्माण के लिए अपनी सांसद निधि से 15 लाख रुपये तक की सहायता देने की बात कही। उन्होंने जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने का भरोसा भी दिया।

अब आगे क्या होगा? इस मामले में अब जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। जागृति द्वारा लगाए गए रिश्वत और बिना सूचना तोड़फोड़ के आरोपों की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और जांच के आधार पर होगी। वहीं, आर्थिक सहायता और प्रशासनिक सहयोग से बेसहारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल का निर्माण दोबारा शुरू करने का रास्ता निकल सकता है। यह मामला पशु कल्याण से जुड़े कार्यों, निर्माण संबंधी नियमों और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है।


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