आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का आज 22वां दिन है। इस बीच इजराइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने हमास की एयरफोर्स के हेड इस्साम अबू रुकबेह को मार गिराया है। IDF के मुताबिक 7 अक्टूबर को इजराइल में पैराग्लाइडिंग से हमले के लिए रुकबेह ही जिम्मेदार था।

दूसरी तरफ, लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी टैंकों के साथ गाजा पट्टी में घुसकर हमास के ठिकानों को निशाना बनाया। IDF ने बताया कि इस दौरान उनके सैनिकों की हमास के लड़ाकों से मुठभेड़ भी हुई। इजराइल के कई सैनिक टैंकों के साथ अभी भी एक ऑपरेशन के तहत गाजा में ही मौजूद हैं।

IDF ने कहा है कि वो गाजा में जमीनी हमलों को बढ़ा रहे हैं। हवाई हमलों के दौरान भी हमास के अंडरग्राउंड ठिकानों को खासतौर पर टारगेट किया जा रहा है। शुक्रवार रात को हमास के ऐसे 150 ठिकानों पर हमले हुए। इसकी वजह से गाजा के इलाके में कम्यूनिकेशन टूट गया है और इंटरनेट बंद हो चुका है। करीब 23 लाख लोग दुनिया से कट चुके हैं।

UN में सीजफायर के लिए प्रस्ताव पास

इससे पहले UN की जनरल एसेंबली में शुक्रवार रात 2 बजे (भारतीय समयानुसार) इजराइल-हमास जंग रोकने का प्रस्ताव पास हुआ। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, वहीं विपक्ष में 14 देशों ने वोटिंग की। भारत सहित 45 देशों ने वोट नहीं किया।

अमेरिका और इजराइल ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। न्यूयॉर्क में हुई UN की बैठक में इजराइल के राजदूत गिलाद एर्दान ने कहा, ‘हम हमास को इस तरह के अत्याचार करने की इजाजत देकर चुपचाप नहीं बैठेंगे। इजराइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। इस अधिकार का मतलब यह सुनिश्चित करना है कि इस तरह के अत्याचार कभी नहीं दोहराए जाएं। ऐसा तभी होगा जब हमास का पूरी तरह से खात्मा हो जाए।’

भारत ने UN प्रस्ताव से दूरी क्यों बनाई

जंग शुरू होने के बाद नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान PM मोदी ने कहा था कि हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं। भारत के लोग इस मुश्किल घड़ी में इजराइल के साथ हैं। विदेश मामलों के जानकार और ORF रिसर्चर कबीर तनेजा के मुताबिक पिछले 10 सालों में भारत सरकार की डिप्लोमेसी आतंकवाद के खिलाफ रही है। PM नरेंद्र मोदी का बयान उसी डिप्लोमेसी का हिस्सा है।

तनेजा मानते हैं कि भारत का अब भी फिलिस्तीन को लेकर वही स्टैंड है जो इंदिरा या दूसरी सरकारों के समय में होता था। भारत इस समस्या के समाधान के लिए टू स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन करता है। जंग के बीच भी भारत ने फिलिस्तीनियों की मदद के लिए जरूरी सामान भिजवाया। यही वजह है कि भारत ने UN प्रस्ताव से दूरी बनाई।

इजराइल बोला- अल-शिफा अस्पताल के नीचे हमास का मुख्य बेस

इस बीच मिलिट्री का हवाला देते हुए इजराइली मीडिया कैन ने बताया कि हमास की कैद में 200 से ज्यादा बंधक हैं। इनमें से 30 बच्चे हैं। 20 लोगों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। अलजजीरा के मुताबिक, 12 साल का एक बच्चा कैद में है। उसकी मां ने कहा- मेरे परिवार के कई सदस्य मारे गए। हमास लड़ाके मेरे बेटे को उठाकर ले गए। कैदियों के कुछ वीडियो वायरल हुए। उनमें मेरा बेटा दिखा। उसे देखकर खुशी हुई। वो जिंदा है।

इधर, इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि हमास का मेन ऑपरेशन बेस गाजा के सबसे बड़े अल शिफा अस्पताल के नीचे है। IDF ने इससे जुड़ी सैटेलाइट इमेज जारी की है। IDF के स्पोक्सपर्सन ने कहा- हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि सैंकड़ों लड़ाके अस्पताल में छिपे हैं। इन बेस तक जाने के लिए लड़ाके सुरंगें का इस्तेमाल करते हैं।