सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वैश्विक तेल संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। हालांकि भारत में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत काफी कम रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में पेट्रोल करीब 3.2% और डीजल 3.4% महंगा हुआ, जबकि कई देशों में तेल के दाम 40% से 80% तक बढ़ गए।
जानकारी के अनुसार म्यांमार, पाकिस्तान, यूएई और अमेरिका जैसे देशों में ईंधन कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने के कारण वैश्विक बाजार में दबाव बढ़ा है।
भारत में हाल ही में करीब चार साल बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए। सरकार और तेल कंपनियों ने टैक्स कटौती और अन्य उपायों के जरिए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ सीमित रखने की कोशिश की। कई देशों की तुलना में भारत में ईंधन मूल्य वृद्धि नियंत्रित रही है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव जारी रहा और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले समय में ईंधन कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
#पेट्रोलडीजल #तेलकीकीमत #FuelPrice #महंगाई #भारत #ग्लोबलऑयलक्राइसिस #पेट्रोलप्राइस #डीजलप्राइस #बिजनेसन्यूज #ब्रेकिंगन्यूज