सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : असम की राजनीति में चुनावी परिणामों से पहले ही हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने राज्य में अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर ‘प्लान-बी’ की रणनीति पर चर्चा की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब हाल ही में आए एग्जिट पोल में कांग्रेस गठबंधन को लेकर अलग-अलग और मिश्रित संकेत सामने आए हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने इन एग्जिट पोल के निष्कर्षों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ये वास्तविक जनमत का सही प्रतिनिधित्व नहीं करते। पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर किए गए सर्वे और कार्यकर्ताओं की रिपोर्ट अधिक सकारात्मक संकेत दे रही है, जबकि एग्जिट पोल केवल सीमित नमूनों पर आधारित अनुमान हैं।
बैठक में गठबंधन सहयोगियों के साथ भविष्य की रणनीति, संभावित चुनाव परिणामों के बाद की राजनीतिक स्थिति और सरकार गठन के विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी अप्रत्याशित चुनावी परिस्थिति के लिए तैयार है और ‘प्लान-बी’ इसी दिशा में एक वैकल्पिक रणनीति है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि असम में मतदाताओं का रुझान अंतिम समय में बदल सकता है, इसलिए एग्जिट पोल को निर्णायक मानना उचित नहीं है। कांग्रेस का दावा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उसका जनाधार मजबूत हुआ है, खासकर युवाओं और किसानों के बीच समर्थन बढ़ा है।
गठबंधन बैठक में यह भी तय किया गया कि चुनाव परिणाम आने के बाद तेजी से राजनीतिक संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अनिश्चितता की स्थिति में स्थिरता लाई जा सके। इसके साथ ही सभी सहयोगी दलों को एकजुट रहने और किसी भी परिस्थिति में समन्वय बनाए रखने की अपील की गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में इस बार मुकाबला काफी कड़ा है और एग्जिट पोल केवल एक संकेत मात्र हैं। वास्तविक परिणाम ही यह तय करेंगे कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। ऐसे में कांग्रेस का ‘प्लान-बी’ उसके रणनीतिक लचीलेपन और राजनीतिक तैयारी को दर्शाता है।
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