आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई इजराइल हमास जंग में आतंकी गाजा के फिलिस्तीनी बच्चों को धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। ये आरोप पहले भी लगते रहे हैं। हालांकि, पहली बार इजराइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने इसके वीडियो और फोटोज जारी किए हैं।
IDF का दावा है कि 170 से ज्यादा बच्चे इजराइली सेना के खिलाफ अलग-अलग मोर्चों पर तैनात किए गए हैं। इनमें से कुछ की तो पहचान भी की जा चुकी है। हालांकि, इस आईडेंटिटी को पब्लिक नहीं किया जाएगा।
बच्चों को वेपन्स ट्रेनिंग
IDF के मुताबिक- हमास के आतंकी खुद की पहचान छिपाकर बच्चों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस ट्रेनिंग में रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल भी शामिल है, जो कई बार फायर करने वाले के लिए भी बेहद खतरनाक साबित होता है। जिन बच्चों की ट्रेनिंग की तस्वीरे IDF ने जारी की हैं, उनमें से कुछ के हाथ में सेमी-ऑटोमैटिक गन भी नजर आ रही हैं।
IDF ने सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो जारी किए। कैप्शन में लिखा- आतंकवाद कोई जन्म से ही नहीं सीख जाता। इसे सिखाया जाता है। वीडियो में साफ तौर पर नजर आता है कि बच्चों को लेकर हमास के आतंकी टनल्स से गुजर रहे हैं और उनके हाथों में हथियार हैं।
इजराइली सेना ने कहा- इस जंग में हमास ने बच्चों को भी फ्रंटलाइन्स पर झोंक दिया है। हमास के आतंकी खुद की जान बचाने के लिए शेल्टर्स में छिप गए हैं। हैरानी की बात ये है कि बच्चों के हाथ में रॉकेट लॉन्चर्स जैसे हथियार हैं और ये उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
स्कूलों में आतंकवाद का पाठ
इजराइली फौज ने दावा किया है कि गाजा के स्कूलों में इजराइल और यहूदियों से नफरत का पाठ पढ़ाया जाता है और इसके सैकड़ों सबूत उसके पास मौजूद हैं। कितनी हैरानी की बात है कि इजराइली और यहूदी नागरिकों की हत्या को इंसाफ बताया गया है।
इजराइली सेना के एक आला अफसर ने फॉक्स न्यूज चैनल से कहा- हम अपने बच्चों को समर कैम्प में उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने वाली एक्टिविटीज सीखने के लिए भेजते हैं। गाजा के बच्चे वहां हथियार चलाना सीखते हैं। आतंकवाद और नफरत का पाठ पढ़ते हैं। इजराइली नागरिकों और सैनिकों को किडनैप करने की ट्रिक्स सिखाई जाती हैं।
खान यूनिस से मिले फोटो-वीडियो
इजराइली सेना ने साफ तौर पर तो ये नहीं बताया कि उसे वीडियो और फोटोज गाजा के किस इलाके से हासिल हुए, लेकिन माना जा रहा है कि ये सभी मटैरियल खान यूनिस इलाके में हमास के इंटेलिजेंस और ऑपरेशन हेडक्वॉर्टर से बरामद किया गया है। जिन बच्चों की कद-काठी अच्छी होती थी, उन्हें तो बम और हैंड ग्रेनेड इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी दी जाती थी।
एक खतरनाक खुलासा यह है कि गाजा में अब भी हमास के आतंकी सुरंगों या दूसरे शेल्टर्स में छिपे हैं और बच्चों का इस्तेमाल विस्फोटकों को एक जगह से दूसरी तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
दावा है कि 170 बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से ज्यादातर की पहचान हो चुकी है। हालांकि, इनकी पहचान उजागर नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे उन्हें खतरा हो सकता है ।