आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यरुशलम सिटी से ईस्ट की तरफ बढ़ने पर पूर्वी यरुशलम शुरू हो जाता है। ये इलाका इजराइल का है, पर यहां ज्यादातर अरब मुस्लिम रहते हैं। यरुशलम के बाद शुरू होने वाला वेस्ट बैंक फिलिस्तीन का एरिया है।

इस छोटे से सफर में जगह-जगह चेक पोस्ट, ऊंची दीवारें और फेंसिंग हैं। इनके एक तरफ इजराइल है और दूसरी तरफ फिलिस्तीन। पूरा एरिया A,B,C में बंटा है। A, यानी फिलिस्तीन का शासन। B, यानी शासन फिलिस्तीन का, लेकिन सिक्योरिटी कंट्रोल इजराइल का और C, यानी इजराइल का शासन।

7 अक्टूबर से पहले फिलिस्तीन के लोग इजराइल आते-जाते थे। इजराइल पर हमास के हमले के बाद सब बंद है। इजराइल-हमास की जंग के दौरान दैनिक भास्कर वेस्ट बैंक पहुंचा। अब तक हमारी ज्यादातर कवरेज गाजा प‌ट्‌टी के आसपास थी। वेस्ट बैंक पर जंग का क्या असर है, ये जानने हम यरुशलम पहुंचे।

इजराइल डिफेंस फोर्स, यानी IDF के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से वो वेस्ट बैंक में छापेमारी कर रही है। IDF ने गुरुवार रात हमास के 17 सदस्यों और 19 वॉन्टेड फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया है। 7 अक्टूबर को गाजा पट्टी में युद्ध शुरू होने के बाद से IDF ने वेस्ट बैंक में लगभग 1,030 फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें हमास से जुड़े करीब 670 लोग भी शामिल हैं।

उधर, इजराइली सेटलर्स फिलिस्तीनियों की कारों पर पोस्टर चिपका रहे हैं, इन पर लिखा है कि फिलिस्तीनी ये एरिया खाली कर जॉर्डन चले जाएं।

पूरा एरिया 30 फीट ऊंची दीवारों और कंटीले तारों से घिरा

ईस्ट यरुशलम में हमें अवाद रबाया मिले। अवाद अरब मुस्लिम हैं, इजराइली नागरिक हैं, लेकिन खुद को फिलिस्तीनी मानते हैं। वे मानते हैं कि जिस जमीन पर वे रह रहे हैं, उस पर इजराइल ने जबरदस्ती कब्जा किया है।

अवाद टैक्सी चलाते हैं। हमने उनसे कहा कि हमें वेस्ट बैंक वाले इलाकों में ले चलिए। अवाद बोले, ‘वो फिलिस्तीन का इलाका है, वहां जाना मुश्किल है। थोड़ी गुजारिश करने पर वो चलने के लिए तैयार हो गए।

ईस्ट यरुशलम में हम सबसे पहले चेक पॉइंट पर गए। 30 फीट ऊंची दीवारों और कंटीले तारों से घिरा चेक पॉइंट बंद था।

चेक पॉइंट से पहले लगे बोर्ड पर लिखा था- फिलिस्तीन अथॉरिटी के लिए एंट्री, ये रास्ता इजराइली नागरिकों के लिए नहीं है। अवाद बताते हैं, ‘आम दिनों में ये चेक पॉइंट खुला होता था। हजारों फिलिस्तीनी वर्क परमिट पर रोज इजराइल में काम करने आते थे, लेकिन जबसे युद्ध शुरू हुआ है, तभी से ये गेट नहीं खुले हैं। लोग वेस्ट बैंक से इजराइल नहीं आ पा रहे हैं।’

अब हम फिलिस्तीनी अरब गांव अल खास से पहले पड़ने वाले चेक पॉइंट पर थे। इजराइली डिफेंस फोर्स के जवानों ने हमारी कार में झांककर देखा। हमने कहा- इंडियन जर्नलिस्ट। जवान कुछ नहीं बोले और हमें जाने दिया। चेक पॉइंट पार करते ही हम फिलिस्तीन में दाखिल हो चुके थे।