चीन में जिनपिंग सरकार की आलोचना के बाद गायब हुए दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के फाउंडर जैक मा टोक्यो में बस गए हैं।  अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक टोक्यो में वे खुद को काफी लो प्रोफाइल रखते हैं। जैक के रहने की जगह से वाकिफ लोगों ने बताया कि वे चीन से अपना पर्सनल शेफ और सिक्योरिटी भी लाए हैं।

जैक मा चीन सरकार की नीतियों की आलोचना के बाद जिनपिंग के निशाने पर आए थे। जिनपिंग ने उनकी कंपनी के IPO पर रोक लगा दी थी। साथ ही करोड़ों डॉलर का जुर्माना भी ठोंक दिया था। इसके बाद मा गायब हो गए थे। आखिरी बार वे 2021 में एक वीडियो में नजर आए थे। आशंका यह भी जताई जा रही थी कि चीन सरकार उनकी हत्या भी करा सकती है।

जापान में पेंटिंग करके समय गुजार रहे जैक मा
जापान के मॉडर्न आर्ट सीन से जुड़े लोगों ने जानकारी दी है कि जापान में वह समय गुजारने के लिए वाटर कलर पेंटिंग करते हैं। चीनी सरकार के क्रैकडाउन के बाद मा को स्पेन और नीदरलैंड जैसे देशों में भी देखा गया है।

किस्सा उस मीटिंग का, जहां से बात बिगड़ी
जैक मा 24 अक्टूबर 2020 को एक मीटिंग के दौरान निशाने पर आए थे। इस मीटिंग में चीनी राजनीति और अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े अधिकारी पहुंचे हुए थे। इसमें जैक मा ने चीनी बैकों की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, ‘चीनी बैंक फंडिंग के लिए कुछ गिरवी रखने की मांग करते हैं। इससे नई तकनीकों को फंड नहीं मिल पाता और नए प्रयोग रुक जाते हैं।’

उन्होंने चीनी नियमों को भी राह में रोड़ा अटकाने वाला बताया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को जैक मा की कही बातों के बारे में जानकारी मिली, तो वे बहुत नाराज हो गए। उन्होंने जैक मा को सीन से गायब करने का आदेश दे दिया। बस यहीं से चीन की जिनपिंग सरकार के तमाम अफसर चालीस चोरों की तरह अलीबाबा फाउंडर के पीछे लग गए थे।

जिनपिंग ने जैक मा का IPO रोक दिया था
चीनी सिस्टम की आलोचना के बाद जिनपिंग सरकार ने मा की एक कंपनी ‘एंट ग्रुप’ के दुनिया के सबसे बड़े 37 बिलियन डॉलर के IPO को रोक दिया गया था। कंपनी पर 2.8 बिलियन डॉलर का एंटी ट्रस्ट फाइन भी लगाया गया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मा गायब हो गए थे। नवंबर 2020 में उन्होंने आखिरी ट्वीट किया था और 2021 में उनका एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद वे कभी नजर नहीं आए।