सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सीएनएन सेंट्रल न्यूज एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज, भोपाल: पेरिस के एफिल टावर पर हिंदू धार्मिक प्रतिनिधिमंडल की निजी यात्रा को लेकर उठे विवाद ने लैंगिक समानता, धार्मिक प्रथाओं और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की भूमिका पर व्यापक बहस छेड़ दी है। आरोप है कि बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) से जुड़े प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों से अपने कार्यस्थल छोड़ने या कुछ क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया।
एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी SETE ने माना कि प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं के साथ संपर्क सीमित रखने जैसी व्यवस्थाओं का अनुरोध किया था। कंपनी ने यह भी कहा कि ऐसी शर्तों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था। विवाद बढ़ने के बाद एफिल टावर के कर्मचारियों ने वॉकआउट किया, जिससे यह प्रतिष्ठित स्थल कुछ समय के लिए बंद रहा।
पेरिस प्रशासन ने मामले की जांच की घोषणा की है। फ्रांसीसी राजनीतिक नेताओं ने भी लैंगिक समानता के महत्व पर कड़ा रुख जताया। बाद में BAPS ने किसी भी तरह की पीड़ा या असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि प्रतिनिधिमंडल के आकार को देखते हुए यात्रा की व्यवस्था व्यवधान से बचने के लिए की गई थी।
इसी पृष्ठभूमि में Citizens for Justice and Peace (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने धर्म की उन व्याख्याओं को सार्वजनिक जीवन पर प्रभाव डालने देने के विचार की आलोचना की, जिन्हें उन्होंने “प्रतिगामी” बताया। उनके बयान ने धार्मिक स्वतंत्रता, महिलाओं के अधिकारों और समानता को लेकर चल रही बहस में एक और आयाम जोड़ दिया है।
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