आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत ने अरब सागर से अदान की खाड़ी तक करीब 10 वॉरशिप तैनात किए हैं। इस पर मौजूद मरीन कमांडोज सोमालिया के समुद्री लुटेरों से जहाजों को बचाएंगे।
भारतीय नौसेना ने कहा- अरब सागर में कारोबारी जहाजों पर हमले बढ़ रहे हैं। इन जहाजों को समुद्री लुटेरों से बचाने और उनके ड्रोन हमले रोकने के लिए सोमालिया के तट के पास, अरब सागर और अदन की खाड़ी में डिस्ट्रॉयर्स, फ्रिगेट्स और पेट्रोलिंग बोट समेत 6-10 युद्धपोत तैनात किए गए हैं।
मैप में अरब सागर और अदान की खाड़ी की लोकेशन देखी जा सकती है…
समुद्र में होने वाली हर घटना पर नजर होगी
भारतीय नौसेना ने कहा- अब समुद्र में होने वाली हर घटना पर हमारी नजर होगी। तैनात किए गए युद्धपोत समुद्र में किसी भी घटना को रोकने के लिए तैयार रहेंगे और हर स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे। नौसेना के चीफ एडमिराल आर हरी कुमार ने 10 जनवरी को बताया था कि पिछले 42 दिनों में जहाज पर हमले की 35 घटनाएं हुई हैं, हालांकि किसी भी भारतीय जहाज पर हमला नहीं हुआ।
कई जहाजों पर भारतीय क्रू मेंबर सवार थे
अरब सागर में जिन जहाजों पर हमले हुए उनमें भारतीय क्रू मेंबर भी सवार थे। भारतीय नौसेना ने इन हमलों की जानकारी मिलते ही एक्शन लिया और वॉरशिप्स को इन्हें बचाने के लिए भेजा। ऐसी कुछ घटनाओं पर एक नजर…
5 जनवरी 2024
4 जनवरी को सोमालिया के समुद्री लुटेरों ने अरब सागर में लाइबेरिया के फ्लैग वाले लीला नोर्फोक जहाज को हाईजैक कर लिया था। भारतीय नौसेना ने 5 जनवरी को बताया कि जहाज ने ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) पोर्टल पर एक संदेश भेजा था। इसमें कहा गया था कि 4 जनवरी की शाम को 5-6 समुद्री लुटेरे हथियारों के साथ जहाज पर उतरे थे।
जानकारी मिलते ही भारतीय नौसेना ने हाईजैक किए गए जहाज को छुड़ाने के लिए वॉरशिप INS चेन्नई और मैरिटाइम पैट्रोलिंग एयरक्राफ्ट P8I को रवाना किया गया था। इसके बाद इसमें सवार 15 भारतीयों समेत सभी 21 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया।
23 दिसंबर 2023
इसके पहले 23 दिसंबर को हिंद महासागर में भारत आ रहे मालवाहक जहाज केम प्लूटो पर हमला हुआ था। इसमें 21 भारतीय और एक वियतनामी क्रू मेंबर सवार थे। सऊदी अरब से तेल लेकर भारत आ रहा यह जहाज जापान का था और लाइबेरिया के फ्लैग से ऑपरेट हो रहा था। हमले के वक्त जहाज पोरबंदर तट से 217 नॉटिकल मील (करीब 400 किमी) दूर था।