सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आगरा। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीट को लेकर चुनावी विवाद मतदान के बाद भी जारी है। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान उनके समर्थकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया गया। अपनी बात रखते हुए वह भावुक हो गए और कहा कि उन्हें ऐसा महसूस कराया जा रहा है, जैसे वह पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों।

12 जिलों में समर्थकों को परेशान करने का आरोप डॉ. आकाश अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान 12 जिलों में उनके सहयोगियों और स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा उन्हें हिरासत में लेने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले पता होता कि चुनाव लड़ने के कारण उनके साथियों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, तो वह चुनाव नहीं लड़ते। हालांकि, ये आरोप सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के आधार पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

धर्म परिवर्तन की बात भी कही आकाश अग्रवाल ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए धर्म परिवर्तन करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वह अगले महीने लखनऊ जाकर शाही ईदगाह में धर्म परिवर्तन करने पर विचार कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद चुनावी विवाद ने नया मोड़ ले लिया है।

पहले भी जीत चुके हैं चुनाव डॉ. आकाश अग्रवाल वर्ष 2020 में आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2026 के चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरने का फैसला किया। रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले वह भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद भी कर रहे थे। चुनाव के बाद उनके आरोपों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया और कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी।


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