सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लखनऊ। उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षक भर्ती को लेकर आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के चेयरमैन ने भर्ती प्रक्रिया का पक्ष रखते हुए कहा है कि नियुक्तियां स्कूलवार उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर की जा रही हैं। आरक्षण व्यवस्था पर सपा ने जताई चिंता सपा की ओर से भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन और पदों के आवंटन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से पालन होना चाहिए। हालांकि, आरक्षण नियमों के उल्लंघन की पुष्टि करने वाली स्वतंत्र जांच या आधिकारिक निष्कर्ष की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आयोग ने क्या कहा? आयोग के चेयरमैन के मुताबिक, भर्ती में विद्यालयवार रिक्त पदों को आधार बनाया जा रहा है। पदों की उपलब्धता और संबंधित नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। भर्ती के तहत पदों के आवंटन और आरक्षण की स्थिति को समझने के लिए आधिकारिक विज्ञापन तथा विषयवार और श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण महत्वपूर्ण है। 17,735 टीजीटी पदों पर भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 17,735 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है। आयोग ने आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को पात्रता और भर्ती संबंधी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है। भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण को लेकर उठे सवालों के बीच अब अभ्यर्थियों की नजर आयोग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले पदवार और श्रेणीवार विवरण पर रहेगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि विभिन्न विद्यालयों में घोषित रिक्तियों और आरक्षण संबंधी प्रावधानों को किस तरह लागू किया जा रहा है।


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