सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संकट में महिलाओं का सहारा बने सखी वन स्टॉप सेंटर, एक जगह मिलती हैं पांच सुविधाएं

लखनऊ। घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न या अन्य तरह की प्रताड़ना का सामना कर रही महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर मदद का महत्वपूर्ण माध्यम है। संकट की स्थिति में महिलाओं को पुलिस थाने, अस्पताल, वकील और सुरक्षित आश्रय के लिए अलग-अलग जगह भटकना न पड़े, इसके लिए इन केंद्रों पर कई जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं। उत्तर प्रदेश के जिलों में संचालित ये केंद्र जरूरतमंद महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।

एक छत के नीचे मिलती हैं पांच प्रमुख सुविधाएं सखी वन स्टॉप सेंटर केंद्र सरकार की मिशन शक्ति योजना के ‘संबल’ उप-योजना के अंतर्गत संचालित होते हैं। यहां हिंसा से प्रभावित महिलाओं को निम्नलिखित सहायता मिल सकती है।

1. पुलिस सहायता: शिकायत दर्ज कराने और पुलिस से संपर्क स्थापित करने में मदद दी जाती है।

2. चिकित्सा सुविधा: जरूरत पड़ने पर अस्पताल के माध्यम से उपचार और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने में समन्वय किया जाता है।

3. कानूनी सलाह: पीड़ित महिला को उसके अधिकारों, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी दी जाती है।

4. मनोवैज्ञानिक परामर्श: हिंसा या उत्पीड़न के कारण मानसिक तनाव झेल रही महिलाओं को परामर्श और भावनात्मक सहयोग दिया जाता है।

5. अस्थायी आश्रय: जरूरतमंद महिला को केंद्र में अधिकतम पांच दिन तक अस्थायी आश्रय मिल सकता है। लंबे समय तक रहने की जरूरत होने पर अन्य उपयुक्त व्यवस्था से जोड़ने में मदद की जाती है।

सहायता पाने के लिए कहां संपर्क करें? महिलाएं अपने जिले के सखी वन स्टॉप सेंटर में सीधे पहुंचकर सहायता मांग सकती हैं। इसके अलावा महिला हेल्पलाइन 181 पर फोन करके नजदीकी केंद्र और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली जा सकती है। उत्तर प्रदेश में महिला पावर लाइन 1090 से भी संपर्क किया जा सकता है। तत्काल खतरे या आपात स्थिति में 112 पर कॉल करना चाहिए।

महिला हेल्पलाइन पर जरूरतमंद महिला स्वयं या उसकी ओर से कोई अन्य व्यक्ति भी सहायता के लिए संपर्क कर सकता है। महिला अपनी पहचान गोपनीय रखने का विकल्प भी चुन सकती है, हालांकि आपात स्थिति में मदद पहुंचाने के लिए कुछ जरूरी जानकारी मांगी जा सकती है। संकट में समय पर मदद लेना जरूरी विशेषज्ञों के अनुसार, हिंसा या उत्पीड़न का सामना कर रही महिलाओं के लिए सही समय पर सहायता तक पहुंचना महत्वपूर्ण है। सखी केंद्रों का उद्देश्य उन्हें सुरक्षित माहौल, आवश्यक सेवाओं और आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। किसी भी महिला को संकट की स्थिति में अकेले समस्या का सामना करने की जरूरत नहीं है; वह उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं का लाभ ले सकती है।


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