सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: बाल दिवस के अवसर पर एम्स भोपाल में बाल चिकित्सा हेमोडायलिसिस यूनिट का उद्घाटन किया गया। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह ने इस यूनिट का उद्घाटन किया। इस यूनिट के उद्घाटन से मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में गुर्दे की स्थिति से परेशान युवा रोगियों के लिए विशेष देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक ने पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती बच्चों को मिठाई और गिफ्ट प्रदान किये जिसे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।

एम्स भोपाल के बाल रोग विभाग ने आज अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर “छोटे बच्चों को सशक्त बनाना” इस आदर्श वाक्य के साथ एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर बाल रोग विभाग को बधाई देते हुए एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ) अजय सिंह ने कहा कि हम अपनी उपलब्धियां पर गर्व अवश्य करें लेकिन अभी शांति से ना बैठें।

हमें आगे अभी बहुत कुछ करना है, उन्होंने एपेक्स ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए किया जा रहे प्रयासों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने सलाह दी कि हम एक ऐसा प्रिवेंशन क्लीनिक तैयार करें जिसमें माल न्यूट्रिशन, इन्फेक्शन आदि की जानकारी दी जाए इसके अलावा क्रॉनिक बीमारियों के इलाज के लिए साउंड थेरेपी का योग के साथ मिलकर प्रयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
इससे पूर्व उपस्थिति का स्वागत विभाग की अध्यक्ष डॉक्टर शिखा मलिक ने किया।

डॉक्टर भावना ढींगरा ने इन 10 वर्षों की यात्रा का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि दो कमरों से शुरू हुई ये व्यवस्था आज अपने उत्तम मुकाम पर पहुंच चुकी है। यदि केवल पिछले वर्ष के आंकड़ों को देखा जाए तो 47000 से भी अधिक बच्चों को ओपीडी में देखा गया जबकि 4000 बच्चों का आईपीडी में इलाज किया गया।

इस अवसर पर गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल की एमेरिट्स प्रोफेसर शीला भम्बल द्वारा “मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बाल चिकित्सा की यात्रा” के बारे में एक अतिथि व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रजनीश जोशी, डीन (अकेडमिक्स) डॉ. शशांक पुरवार, चिकिस्ता अधिक्षक, संकाय सदस्य, रेजिडेंट्स एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगढ़ भी उपस्थित थे। बाल रोग विभाग के सीनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ, सहायक कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।