सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री के संभागीय बैठकों और जिलों में प्रवास के दौरान ली जाने वाली बैठकों में खराब साउंड (आडियो) सिस्टम से जीएडी (सामान्य प्रशासन विभाग) नाराज है। सीएम के कार्यक्रम में पिछली बैठकों में हुई किरकिरी के बाद अब जीएडी ने सभी कलेक्टरों और संभागायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि मुख्यमंत्री की जिलों के प्रवास के दौरान होने वाली बैठकों और वीडियो कांफ्रेंसिंग संबंधी बैठकों में पूरी जिम्मेदारी प्रथम श्रेणी अधिकारी को सौंपी जाए। इस अधिकारी को व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया जाए ताकि आगे से ऐसी स्थिति नहीं बनने पाए।

कलेक्टरों से कहा गया है कि सीएम से संबंधित बैठकों के लिए बैठक व्यवस्था, आडियो सिस्टम, वीडियो सिस्टम, वीडियो कांफ्रेंसिंग व्यवस्था आदि के लिए जो नोडल अधिकारी बनाया जाएगा वह फर्स्ट क्लास से कम कैडर का नहीं होना चाहिए। यह नोडल अधिकारी बैठक से पहले सभी संबंधित विभागों से को-आर्डिनेशन करके व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। बैठक के पहले ड्राय रन का आयोजन किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि सभी सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे हैं। इसका निरीक्षण कलेक्टर भी कर सकते हैं। बैठक में शामिल होने वाले सभी अफसरों, प्रतिभागियों की संख्या को ध्यान में रखकर माइक की व्यवस्था भी करना होगी ताकि संवाद के दौरान किसी तरह का व्यवधान न होने पाए। बैठक में हर प्रतिभागी के नाम की पट्टिका रखना भी अनिवार्य किया गया है। साथ ही बैठक के मिनिट्स ड्राफ्ट करने और उसका अनुमोदन लेने के लिए भी कहा गया है। इसकी मानीटरिंग समय-समय पर संभागायुक्त भी करेंगे।

सागर और चित्रकूट में हुई थी दिक्कत

सीएम मोहन यादव की जनवरी माह में चित्रकूट में हुई राम वनगमन पथ न्यास की बैठक के दौरान साउंड सिस्टम खराबी सामने आई थी और इसके बाद अधिकारियों को मौके पर फटकार भी मिली थी। इसके बाद यही स्थिति सागर संभाग की संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान भी बनी थी। इसे देखते हुए जीएडी ने कलेक्टरों और संभागायुक्तों को व्यवस्था बनाए रखने में किसी तरह की गड़बड़ नहीं होने देने के निर्देश जारी किए हैं।