आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजधानी भोपाल में नवंबर महीने में गुलाबी ठंड और बारिश का ट्रेंड है। 27 या 28 नवंबर को हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद तेज सर्दी पड़ेगी। मौसम केंद्र के फोर कास्ट इंचार्ज डॉ. वेद प्रकाश सिंह का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से हल्की बारिश होगी।
नवंबर महीने में सर्दी की शुरुआत होती है। उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से कभी-कभी हल्की बारिश भी हो जाती है। 2019 और 2020 में बारिश रिकॉर्ड की गई। बाकी सालों में मौसम बदला जरूर, लेकिन बारिश नहीं हुई। यदि 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो 10 नवंबर 1969 को 76.4 मिमी यानी 3 इंच बारिश हुई थी। यह रिकॉर्ड अब तक नहीं टूटा है।
नवंबर में ऐसा ट्रेंड, इस बार भी असर
दक्षिण-पश्चिम मानसून के समाप्त होने के बाद मौसम सामान्यता शांत होता है। इस महीने आसमान साफ या हल्के बादलों से घिरा रहता है। हालांकि, अक्टूबर की तरह नवंबर में उमस नहीं होती। रात के तापमान में गिरावट होने लगती है। सुबह-शाम हल्की ठंडक भी रहती है। उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के गुजरने का असर भी भोपाल में देखने को मिलता है। 20 नवंबर तक मौसम का ऐसा ही ट्रेंड रहा है।
10 साल में बादल छाए, 2 बार बारिश भी हुई
वर्ष 2013 से 2022 में नवंबर में बारिश के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो 2019 में 0.6 मिमी और 2020 में 0.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। बाकी सालों में बादल छाए रहे। इस बार भी 18 नवंबर को बादल छाए थे। आगामी दिनों में भी बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।
भोपाल में ऐसा रहता है नवंबर का मौसम
4 नवंबर 1977 को दिन का टेम्प्रेचर 35.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। यह नवंबर में इतने तापमान का ऑल टाइम रिकॉर्ड है।
30 नवंबर 1941 को रात का तापमान 6.1 डिग्री पहुंचा था।
वर्ष 1936 में पूरे महीने 134.1 मिमी यानी 5.2 इंच बारिश हुई थी।
24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 10 नवंबर 1969 में 76.4 मिमी यानी 3 इंच का है।