आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार महिला एवं आदिवासी विरोधी है। इसका ताजा उदाहरण नए संसद भवन का है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका स्वयं ही उद्घाटन करना चाहते हैं, देश के सर्वोच्च और सम्मानित पद पर बैठी एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति को यह अवसर प्रधानमंत्री नहीं देना चाहते। इससे भाजपा और मोदी सरकार का महिला एवं आदिवासी विरोधी होने का चरित्र प्रदर्शित होता है और ये सरासर सर्वोच्च पद पर बैठी आदिवासी महिला का घोर अपमान होते हुए पूरी नारी जाति का अपमान है।
विभा पटेल ने कहा कि भाजपा के कुछ नेता भोपाल में अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं, जिसका ताजा उदाहरण भाजपा के कृषि मंत्री कमल पटेल का हाल में दिया गया बयान है | जिसमें उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आदरणीय कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह के मानसिक संतुलन खोने की बात कही है। इससे प्रतीत होता है कि भाजपा में वरिष्ठजनों का आदर एवं सम्मान करने के संस्कार नहीं है और इसी संस्कारविहीनता के कारण भाजपा ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठजनों को घर बैठा दिया। नई दिल्ली में लालकृष्ण आडवाणी एवं मुरली मनोहर जोशी इसका जीवंत उदाहरण है। सिर्फ इतना ही नहीं मध्य प्रदेश में संत नेता के रूप में लोकप्रिय श्रद्धेय कैलाश जोशी की उपेक्षा भी भाजपा ने की और भाजपा की नीतियों दोहरे चरित्र से त्रस्त होकर उनके सुपुत्र दीपक जोशी को भाजपा छोड़ना पड़ी।
पटेल ने कहा कि आज भाजपा में रघुनंदन शर्मा, कुसुम महदले, जय भान सिंह पवैया, जयंत मलैया, गौरीशंकर शैजवार सरीखे कई नेता घर बैठे हुए हैं। वहीं मंत्रिमंडल में शामिल कुछ मंत्री तो इतने निरंकुश हो गए हैं, कि गोपाल भार्गव जैसे वरिष्ठ मंत्री का अपमान करने का कोई मौका नहीं गंवा रहे हैं। इससे भाजपा की सभ्यता, संस्कृति, चरित्र सामने आ रहा है। अच्छा होता कि भाजपा के मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बारे में अनर्गल प्रलाप करने के बजाय अपने गिरेवां की ओर झांकते तो शायद उन्हें अपनी ही पार्टी की हकीकत नजर आ जाती।