आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मालदी टॉफ मशीन को माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स भोपाल में “आईसीएमआर-माइकोलॉजी एडवांस्ड रिसोर्स सेंटर (आई-मार्क)” में स्थापित किया गया है । आई-मार्क की यात्रा में एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक और सीईओ, प्रोफेसर अजय सिंह के विजन और सहयोग से यह मील का पत्थर हासिल किया गया ।
इस उपकरण का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक और सीईओ, एम्स भोपाल प्रोफेसर अजय सिंह के कर-कमलों द्वारा डीन (अकादमिक) राजेश मलिक, डीन रिसर्च देबासीस बिस्वास, डीन (छात्र कल्याण) बालाकृष्णन एस, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक शशांक पुरवार और उप निदेशक कर्नल अजीत कुमार आदि गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर सम्पन्न हुआ ।
माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष देबाशीष बिस्वास ने सभा को मालदी टीओएफ सुविधा के विषय में जानकारी दी । उनके द्वारा इस बात पर जोर दिया गया कि “मशीन कम लागत पर फंगस और अन्य रोगाणुओं की सटीक और तेजी से पहचान करने में मदद करती है । माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स भोपाल में “आईसीएमआर माइकोलॉजी एडवांस्ड रिसोर्स सेंटर (आई-मार्क)” में मालदी टॉफ की स्थापना के साथ ही जटिल और घातक बीमारियों से ग्रसित, विशेष रूप से मधुमेह रोगियों, अंग प्रत्यारोपण वाले इम्यूनोसप्रेस्ड मरीजों, एचआईवी एड्स के रोगियों आदि में फंगल इन्फेक्शन का उपचार करना आसान हो जाएगा । जिनके लिए हमें आज तक पीजीआई चंडीगढ़ पर निर्भर रहना पड़ता था” ।
अजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “यह भोपाल और मध्य भारत के लिए बहुत गर्व की बात है । हमारे यहाँ स्थापित मालदी टॉफ की इस नई सुविधा द्वारा विशेष रूप से आईसीयू में भर्ती दुर्लभ और खतरनाक फंगल इन्फेक्शन से ग्रसित होने वाले कई लोगों की जान बच सकेगी” ।
इस मशीन का यह मॉडल मालदी बायोटाइपर सिरियस वन, नवीनतम उन्नत मॉडल है और यह भारत में स्थापित होने वाली पहली मशीन है । यह उपकरण एम्स भोपाल और इसके दूरस्थ क्षेत्रों में बहु-विषयक, अंतर-क्षेत्रीय, नैदानिक सेवा वितरण, प्रशिक्षण-शिक्षण गतिविधियों, मानव संसाधन विकास और उच्च गुणवत्ता वाली अनुसंधान गतिविधियों में भी मददगार साबित होगा ।