आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एन.आई.डी. भोपाल के निदेशक धीरज कुमार ने कहा डिज़ाइन में भले ही कैरियर न बन सके लेकिन जीवन में क्रिएटिविटी बनाएं रखें। सात दिवसीय आवासीय डिज़ाइन शिविर के समापन के अवसर पर बोल रहे थे। कुमार ने कहा कि इस तरह के शिविरों की निरंतरता भविष्य में भी बनी रहेगी और इसको व्यापकता दी जाएगी।
इस अवसर पर डिज़ाइन शिविर के प्रतिभागियों ने सात दिनों में सीखने के बाद कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी की। इनमे वुडक्राफ़्ट, टाई – डाई फ़ैब्रिक, गोंड पेंटिंग, वीविंग, पॉटरी,स्केचिंग और कैलीग्राफ़ी शामिल थी। शिविरार्थियों ने बताया कि इस शिविर में उन्हें कलाओं की दुनिया को देखने, जानने-समझने का मौक़ा मिला। शिविर में 40 लोग शामिल हुए जिनमे भोपाल के अलावा दिल्ली, छिन्दवाड़ा, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और कोलकाता शहर से आये छात्र थे।
सप्ताह भर चली सांस्कृतिक गतिविधियों का परिचय आर्ट प्रोमोटर सुनिल शुक्ल ने दिया और शिविर के कोऑर्डिनेटर शबरीधरन ने शिविर धन्यवाद ज्ञापित किया। समापन के अवसर पर रायगढ़ कथक घराने की की गुरु अल्पना वाजपेयी की शिष्याओं ने निर्गुण नृत्य प्रस्तुत किया।