आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: रेलवे बोर्ड की पहली चेयरपर्सन जया वर्मा सिन्हा ने शुक्रवार को पदभार संभाल लिया। उन्होंने अनिल कुमार लाहोटी की जगह ली। रेलवे बोर्ड के 166 साल के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी महिला को बोर्ड का चेयरपर्सन और CEO नियुक्त किया गया है।
सिन्हा इससे पहले रेलवे बोर्ड में ऑपरेशन और बिजनेस डेवलपमेंट की सदस्य रह चुकी हैं। लाहोटी का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनकी जगह नया चेयरमैन बनाने के लिए रेलवे ने चार लोगों का एक पैनल बनाया था। इसी पैनल ने जया वर्मा को नया चेयरमैन बनाने पर सहमति दी। जया 31 अगस्त 2024 तक पद पर रहेंगी।
ओडिशा के कोरोमंडल एक्सप्रेस हादसे के समय जया ने सरकार को घटना की पूरी जानकारी दी थी। उन्होंने PMO में इस घटना का पावर प्रेजेंटेशन भी दिया था। इस हादसे के दौरान जया वर्मा के काम की बहुत तारीफ की गई थी।
जया वर्मा ने अपनी पढ़ाई इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से की है। उन्होंने 1988 में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) में जॉइनिंग की। जया फिलहाल रेलवे बोर्ड में मेंबर, ऑपरेशंस और बिजनेस डेवलपमेंट के पद पर काम कर रही थीं। इसके अलावा जया दक्षिण-पूर्व रेलवे में चीफ कॉमर्शियल मैनेजर, पूर्व रेलवे में डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) और उत्तर रेलवे में भी काम कर चुकी हैं।
जया ढाका के इंडियन हाई कमीशन में चार साल तक सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। कोलकाता से ढाका तक चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस की शुरुआत जया के कार्यकाल में ही हुई थी।
2023-24 में रेलवे को 2.74 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट
जया ऐसे समय में इस पद को संभालेगी जब केंद्र सरकार ने इंडियन रेलवे को रिकॉर्ड बजट दिया है। केंद्र सरकार ने इंडियन रेलवे को 2023-24 में 2.74 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट दिया है। यह अब तक का रेलवे को दिया गया सबसे ज्यादा बजट है।
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बालासोर में सिर्फ एक ट्रेन हादसे का शिकार हुई
बालासोर में रेल दुर्घटना के समय जया वर्मा रेलवे बोर्ड की सदस्य थीं। उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि सिर्फ एक ही ट्रेन (कोरोमंडल एक्सप्रेस) दुर्घटना का शिकार हुई है, ना कि तीन ट्रेन। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कहा था कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव की वजह से एक्सीडेंट हुआ।