आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संसद के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA के सांसदों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी संसद के दोनों सदनों में मणिपुर मामले पर बयान दें। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से संसद में विस्तार से चर्चा करने की अपील की।
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर और मनीष तिवारी ने मणिपुर पर चर्चा करने के लिए सोमवार को स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है। जिसमें चर्चा करने के लिए शून्यकाल, प्रश्नकाल और दिन के अन्य कामों को निलंबित करने के लिए कहा गया है।
कुछ समुदायों को ST में शामिल करने के लिए बिल पेश होगा
ट्राइबल अफेयर्स मिनिस्टर अर्जुन मुंडा हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों की सूची में कुछ समुदायों को शामिल करने के लिए संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022 राज्यसभा में पेश करेंगे। यह विधेयक पिछले साल लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
मानसून सत्र के तीसरे दिन मणिपुर हिंसा को लेकर नेताओं के बयान…
देश की मांग है सरकार और पीएम मोदी को मणिपुर के मुद्दे पर बोलना चाहिए। देश में शांति बहाल करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। आज हम इस मुद्दे के खिलाफ संसद में विरोध करने जा रहे हैं। राज्यसभा के सभापति को हमें मणिपुर मुद्दे पर चर्चा करने की अनुमति देनी चाहिए।- राघव चड्ढा, आप सांसद
कानून को अपना काम करना चाहिए, लेकिन मणिपुर में जो चल रहा है और देश के अन्य हिस्सों में जो हुआ है, उसमें अंतर है… पिछले 77-78 दिनों से लगातार हिंसा हो रही है। मणिपुर में पूरी तरह से जातीय विभाजन है। इसलिए मणिपुर में जो हो रहा है, उसकी तुलना अन्य राज्यों से करना सही नहीं। – मनीष तिवारी, कांग्रेस सांसद
केंद्र सरकार मानसून सत्र में 31 बिल लाएगी, सत्र में 17 बैठकें होंगी
मानसून सत्र 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 17 बैठकें होंगी। केंद्र सरकार मानसून सत्र में 31 बिल ला रही है। इनमें 21 नए बिल हैं वहीं 10 बिल पहले संसद में किसी एक सदन में पेश हो चुके हैं। उन पर चर्चा होगी। सबसे ज्यादा चर्चित बिल दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा अध्यादेश है।
तीन चर्चित बिल जो इस सेशन में पेश होने हैं…
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अध्यादेश, 2023
केंद्र सरकार ने 19 मई को दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और विजिलेंस से जुड़े अधिकारों को लेकर एक अध्यादेश जारी किया था। इसके जरिए केंद्र सरकार नेशनल कैपिटल सिविल सर्विसेज अथॉरिटी का गठन करेगी। इस अथॉरिटी में दिल्ली CM, मुख्य सचिव और प्रधान गृह सचिव होंगे।