सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क-आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर गठित एक उच्चस्तरीय समिति को भारत के सीमावर्ती जिलों का विस्तृत अध्ययन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जनसांख्यिकीय रुझानों और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन तथा सामाजिक स्थिरता पर संभावित प्रभावों का आकलन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह निर्देश ऐसे समय आया है, जब केंद्र अवैध घुसपैठ, आबादी में बदलाव और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बदलते बसावट पैटर्न से जुड़े मुद्दों पर अपना फोकस तेज कर रहा है।

एक समीक्षा बैठक के दौरान Shah ने कथित तौर पर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव का देश और उसकी सीमाओं की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। समिति को आबादी में बदलाव के कारणों की जांच का दायित्व दिया गया है, जिसमें अवैध घुसपैठ, सीमा-पार गतिविधियां, आर्थिक पलायन और जनसांख्यिकीय पैटर्न को प्रभावित करने वाले अन्य कारक शामिल हैं।

केंद्र सरकार द्वारा गठित इस उच्चस्तरीय पैनल की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति Prakash Prabhakar Navlekar कर रहे हैं। इसमें प्रशासन, सुरक्षा और लोक नीति से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति के कार्यक्षेत्र में असामान्य जनसांख्यिकीय रुझानों का विश्लेषण, नीतिगत उपायों की सिफारिश, सीमा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करना और अवैध घुसपैठ की पहचान तथा उससे निपटने के लिए तंत्र सुझाना शामिल है।

यह अध्ययन विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे उन जिलों पर केंद्रित रहने की संभावना है, जहां जनसांख्यिकीय बदलाव के रणनीतिक प्रभाव हो सकते हैं। समिति निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपेगी, जिससे सीमा सुरक्षा, जनसंख्या प्रबंधन और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़ी भविष्य की नीतियों को आकार देने में मदद मिलेगी।


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