आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : उत्तर भारत की पवित्र एवं पावन मणि महेश यात्रा के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। दोनों मृतक पंजाब के निवासी थे। सोमवार सुबह के वक्त ऑक्सीजन की कमी से जरनैल सिंह ने दम तोड़ा था, जबकि देर शाम हड़सर में रविकांत की गिरने से मौत हो गई। आज सुबह ही रविकांत का शव गहरी खाई से बरामद किया गया। इसकी पुष्टि SDM भरमौर कुलवंत सिंह ने की।

सूचना के अनुसार, बीती शाम पंजाब के अमृतसर निवासी रविकांत हड़सर में गहरी खाई में गिर गए। घना अंधेरा और गहरी खाई की वजह से रात में उन्हें सर्च करने में परेशानी हुई। सुबह के वक्त उनका शव रेस्क्यू दल ने खाई से निकाला और शव का भरमौर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम चल रहा है।

गौरीकुंड में ऑक्सीजन की कमी के बाद जरनेल सिंह की मृत्यु

वहीं दूसरे मृतक की पहचान पठानकोट के वलसूहा फरीदनगर निवासी जरनैल सिंह (53) के तौर पर हुई है। वह अपने कुछ दोस्तों के साथ रविवार शाम को ही मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंचे थे। सूचना के अनुसार गौरीकुंड में देर रात ऑक्सीजन की कमी के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई। इसकी जानकारी उन्होंने अपने साथियों को दी।

दोस्तों ने जरनैल सिंह को नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद पर्वतारोहण संस्थान की रेस्क्यू टीम ने शव को भरमौर पहुंचाया। शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

पंजाब के दो श्रद्धालुओं की मौत: SDM

SDM भरमौर कुलवंत सिंह ने बताया कि मणिमहेश यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। उन्होंने 23 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। उन्होंने अपील की है कि वह इस धार्मिक यात्रा पर पंजीकरण करवाने के बाद ही आएं।

फ्लाइट्स उड़ने में आ रही दिक्कत

मणिमहेश यात्रा के दौरान बारिश बेशक नहीं हो रही, लेकिन मौसम खराब होने से इसमें बाधा उत्पन्न हो रही है। इस वजह से दिन में आठ से 10 फ्लाइट्स ही उड़ पा रही है। अमूमन साफ मौसम में 18 से 20 फ्लाइट भरमौर से मणिमहेश के लिए उड़ती है।​​​​​​

मणिमहेश यात्रा के लिए इन निर्देशों का करें पालन

श्रद्धालुओं को चिकित्सा प्रमाण पत्र साथ लाने को कहा गया है। आधार शिविर हड़सर में स्वास्थ्य जांच करवाएं, चढाई धीरे-धीरे चढ़ें, सांस फूलने पर वहीं रुक जाएं

छाता, बरसाती, गर्म कपडे, गर्म जूते, टॉर्च और डंडा साथ रखें

प्रशासन की ओर से निर्धारित रास्तों पर चलें

स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर निकटतम शिविर में संपर्क करें

दुर्लभ जड़ी-बूटियों एवं पौधों के संरक्षण में सहयोग करें

यात्री अपना पहचान पत्र/आधार कार्ड साथ रखें

सुबह 4:00 बजे से पहले और शाम 5 बजे के बाद हड़सर से यात्रा न करें

नशीले पदार्थों व मांस मदिरा का सेवन न करें

छह सप्ताह से ज्यादा गर्भवती महिलाएं यात्रा न करें

मौसम खराब होने पर हड़सर व डल झील के बीच धन्छो, सुंदरासी, गौरीकुंड एवं डल झील पर सुरक्षित जगह पर रुके |