सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : टाटा ट्रस्ट्स ने एन. चंद्रशेखरन के उस निर्णय को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने Tata Sons के Chairman के रूप में एक और कार्यकाल नहीं लेने की इच्छा जताई थी। इसके साथ ही उनके उत्तराधिकारी की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को समाप्त होना है।

भारत के सबसे प्रभावशाली कारोबारी समूहों में शामिल Tata Group के लिए यह शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव है। Sir Dorabji Tata Trust ने Tata Sons के Articles of Association के तहत Selection Committee बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव पारित किया है। यह समिति अगले Chairman की नियुक्ति के लिए उपयुक्त नाम की सिफारिश करेगी।

टाटा ट्रस्ट्स ने कहा है कि वह चंद्रशेखरन के फैसले का सम्मान करता है। ट्रस्ट्स ने समूह में बड़े बदलाव और विस्तार के दौर में उनके योगदान को भी स्वीकार किया है।

चंद्रशेखरन फरवरी 2017 में Tata Sons के Chairman बने थे। उनके कार्यकाल में समूह ने aviation, automobiles, technology, electronics, semiconductors और digital businesses जैसे क्षेत्रों में कई बड़े रणनीतिक कदम आगे बढ़ाए। इसी अवधि में Tata की aviation interests का consolidation हुआ और समूह ने तेज वृद्धि वाले नए क्षेत्रों में विस्तार किया।

उत्तराधिकार प्रक्रिया इसलिए और अहम हो जाती है क्योंकि Tata Trusts की Tata Sons में controlling stake है और शीर्ष नेतृत्व के चयन में उसकी निर्णायक भूमिका रहती है। नए Chairman की तलाश शुरू करने से समूह के शीर्ष स्तर पर निरंतरता बनाए रखने के लिए औपचारिक ढांचा तय हो गया है।

अगले Chairman की नियुक्ति पर investors, employees और business stakeholders की करीबी नजर रहेगी। Tata Group कई बड़ी और रणनीतिक रूप से अहम परियोजनाओं पर काम कर रहा है, ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान स्थिरता, governance standards और दीर्घकालिक रणनीतिक निरंतरता बनाए रखना केंद्रीय मुद्दा रहेगा।


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