सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : महाराष्ट्र सरकार ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान टकराव से बचने की रणनीति अपनाई। अधिकारियों के अनुसार, मकसद यह था कि प्रदर्शन किसी बड़े तनाव में न बदले। The Times of India के मुताबिक, शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद दोपहर तक करीब 9,000 से 10,000 लोग वहां जुट गए।
प्रदर्शनकारी पास की एक सड़क पर इकट्ठा हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी मांगें उठाईं। भीड़ को नियंत्रित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने रिजर्व स्टाफ सहित करीब 1,000 से 1,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शिवाजी पार्क मैदान में प्रवेश करने से रोका, लेकिन पास की सड़क पर जुटे लोगों को प्रदर्शन जारी रखने दिया।
महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ मंत्री ने TOI से कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को स्थिति संभालने की छूट दी थी, साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा था कि लोकतांत्रिक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। भाजपा मंत्री आशीष शेलार ने CJP के आंदोलन की आलोचना की, लेकिन राज्य प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग नहीं किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय लोगों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए आसपास की सड़कों को खाली कराया गया और उन्हें नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने के लिए मुंबई पुलिस की सार्वजनिक रूप से सराहना की।
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