आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  संसद के मानसून सत्र के पांचवे दिन कार्रवाई शुरू हो गई है। विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्रवाई 15 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इसके पहले, कांग्रेस ने मणिपुर मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम नो-कॉन्फिडेशन मोशन ला रहे है।

लोकसभा में कांग्रेस के व्हिप मनिकम टैगोर ने बताया कि हम PM मोदी का घमंड तोड़ना चाहते थे। वे संसद में आकर मणिपुर पर बयान नहीं दे रहे हैं। हमें लगता है कि इस आखिरी हथियार का इस्तेमाल करना हमारा कर्तव्य है।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा स्पीकर ऑफिस में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया है। उधर, बीआरएस सांसद नामा नागेश्वर राव ने भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दायर किया है।

अविश्वास प्रस्ताव पर सांसदों के बयान….

संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल- पहले वे चर्चा चाहते थे। जब हम तैयार हुए, तो उन्होंने नियमों का मुद्दा उठाया। अब वे नया मुद्दा लेकर आए कि पीएम आकर चर्चा शुरू करें। मुझे लगता है ये सभी बहाने हैं।

शिव सेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी- अगर पीएम को संसद में लाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हम इस देश की बहुत बड़ी सेवा करेंगे।

राजद सांसद मनोज झा- हम जानते हैं कि संख्याएं हमारे पक्ष में नहीं, लेकिन लोकतंत्र सिर्फ संख्याओं के बारे में नहीं है। शायद अविश्वास प्रस्ताव के बहाने उन्हें कुछ बोलने पर मजबूर किया जा सकता है। यही सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

अविश्वास प्रस्ताव क्यों लाना चाहता है विपक्ष

दरअसल, विपक्ष जानता है कि सरकार सदन में आसानी से बहुमत साबित कर देगी, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस स्वीकार होता है, तो प्रधानमंत्री का भाषण भी होगा। अगर आंकड़ों की बात करें, तो अभी लोकसभा में NDA के 335 सांसद हैं।

मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव 20 जुलाई 2018 में आया। तब सरकार को 325, विपक्ष को 126 वोट मिले थे।

बीते 4 दिनों में संसद में क्या हुआ

20 जुलाई पहला दिन: संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ, पहले दिन संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने मणिपुर घटना पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी।

21 जुलाई दूसरा दिन: सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष ने मणिपुर के मुद्दे पर हंगामा किया। दोनों सदनों की कार्यवाही 24 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के दूसरे दिन लोकसभा की कार्यवाही कुल 19 मिनट और राज्यसभा की कार्यवाही कुल 18 मिनट चली।

24 जुलाई तीसरा दिन: मानसून के तीसरे दिन भी मणिपुर मुद्दे को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही 25 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया।