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शहर के प्रमुख बाजार न्यू मार्केट के पास रंगमहल चौराहे पर 10 फीट गहरा और इतना ही लंबा गड्ढा पिछले एक महीने से हादसे को न्योता दे रहा है। चौराहे पर बीच सड़क पर यह गड्ढा नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा की नाकामी को भी उजागर कर रहा है। निगम इंजीनियरों को यह बात समझ नहीं आ रही है कि इस जगह पर बरसाती नाला कहां से आ गया और यह जाता कहां है?

4 जुलाई को हुई तेज बारिश में रंगमहल चौराहे की सड़क अचानक उखड़ गई थी। कारण की तलाश शुरू हुई तो सबसे पहले माना गया कि इसके नीचे से कोई सीवर लाइन गुजर रही होगी जिसमें लीकेज हो गया है। निगम की सीवेज शाखा ने यहां खुदाई की तो कोई सीवर लाइन नहीं मिली। लेकिन पानी लगातार बह रहा था। इसके बाद निगम की सिविल इंजीनियरिंग शाखा ने इसको अपने हाथ में लिया है और बहते हुए पानी को किसी पुराने बरसाती नाले का मानकर स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा गवर्नमेंट हाउसिंग फेज-1 के लिए बनाए गए नाले से जोड़ने का काम शुरू किया है। पिछले 15 दिन से यह काम चल रहा है, लेकिन पथरीले इलाके में खुदाई के कारण काम बहुत धीमा है। यह काम कब तक पूरा होगा कहना मुश्किल है क्योंकि पानी रुक जाए, इसकी कोई ग्यारंटी नहीं है।

भोज वेटलैंड प्रोजेक्ट में बिछी थी सीवर लाइन

खास बात यह है कि रंगमहल चौराहे से होटल पलाश की तरफ निगम खुदाई कर रहा है और इसी तरफ भोज वेटलैंड के समय सीवर लाइन डली थी। इस लाइन से नॉर्थ टीटी नगर का सीवेज बाणगंगा के सीवेज पंप हाउस में जाता था। अब यह पूरा इलाका खाली हो चुका है। गवर्नमेंट हाउसिंग का काम शुरू होते समय यह बात उठी थी कि इस लाइन का उपयोग किया जाए, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।