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आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कश्मीर में पिछले 3 दिनों में आतंकियों के साथ एनकाउंटर में आर्मी और पुलिस के 3 अफसर शहीद हो गए। एक अन्य जवान लापता है। दरअसल, अनंतनाग जिले के गाडोल में 3 से 4 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सेना और पुलिस ने मंगलवार शाम संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था। रात होने पर ऑपरेशन रोक दिया गया था।

13 सितंबर यानी बुधवार सुबह जब दोबारा तलाश शुरू की गई, तो आतंकियों ने घने जंगल में घात लगाकर घेराबंदी की और हमला किया। उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग की। इसके चलते 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धौंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट शहीद हो गए।

मनप्रीत मोहाली के और मेजर आशीष पानीपत और भट कश्मीर के बडगाम के रहने वाले थे। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रतिबंधित रेजिस्टेंट फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

अनंतनाग एनकाउंटर से जुड़े अपडेट्स

अनंतनाग एनकाउंटर में शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोंचक के शव श्रीनगर में सेना के 92 बेस अस्पताल लाए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक अनंतनाग में लश्कर के 2 आतंकी छिपे हैं, जिन्हें सेना ने घेर लिया है। इनमें से एक नागम कोकरनाग का रहने वाला उजैर खान है। जो पिछले साल जुलाई में लश्कर से जुड़ा था।

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा- जब तक पाकिस्तान को अलग-थलग नहीं करेंगे, वे सोचेंगे कि सब नॉर्मल है। बॉलीवुड वाले आ जाएंगे, क्रिकेट खेलने वाले आ जाएंगे। अगर उस पर दबाव डालना है तो उसे अलग-थलग करना होगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला बोले- सरकार रोज चिल्लाती है, आतंकवाद खत्म हो गया। अब मुझे बताओ, क्या वाकई खत्म हो गया? शांति लड़ाई से हासिल नहीं की जा सकती, यह बातचीत से आ सकती है।

कुलगाम में भी इन्हीं आतंकियों ने सेना को निशाना बनाया था

अफसरों का मानना है कि ये वही आतंकी हैं, जिनसे 4 अगस्त को कुलगाम के जंगल में मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हो गए थे। कश्मीर में पिछले तीन साल में यह सबसे बड़ा हमला है। इससे पहले इससे पहले कश्मीर के हंदवाड़ा में 30 मार्च 2020 को 18 घंटे चले हमले में कर्नल, मेजर और सब-इंस्पेक्टर समेत पांच अफसर शहीद हुए थे।

शहीद DSP हुमायूं भट त्राल के रहने वाले थे, पिछ्ले साल शादी हुई थी

DSP हुमायूं भट को बुधवार रात बड़गाम जिले में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और DGP दिलबाग सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। हुमायूं दक्षिण कश्मीर के त्राल के रहने वाले थे। उनकी पिछले साल ही शादी हुई थी। उनका 2 महीने का बेटा है।

3 दिन पहले चाचा से कहा था- बेटी के बर्थडे पर करेंगे गृह प्रवेश

शहीद मेजर आशीष धौंचक हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले थे। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर बाद तक पैतृक गांव बिंझौल लाए जाने की संभावना है। तीन बहनों के इकलौते भाई के शहीद होने पर गांव में मातम पसरा है। आशीष के पिता लालचंद NFL से रिटायरमेंट के बाद सेक्टर-7 में किराए के मकान में रहते हैं।

आशीष 6 महीने पहले अपने साले की शादी में छुट्टी लेकर घर आए थे। आशीष के चाचा ने बताया कि उनकी 3 दिन पहले ही आशीष से फोन पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि वे 13 अक्टूबर को बेटी के बर्थडे पर पानीपत आएंगे और नए मकान में गृह प्रवेश करेंगे।