ITDC India e-Press / Agencies

आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मऊ में स्याही कांड के बाद अब लखनऊ में जूता कांड हुआ है। सोमवार को सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को युवक ने जूता फेंककर मारा है। वो सपा के पिछड़ा वर्ग के महासम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कार से उतरकर वह अंदर जा रहे थे, तभी वकील की ड्रेस में आए युवक ने जूते से उन पर हमला कर दिया। जूता स्वामी प्रसाद को छूता हुआ दूर गिरा।

स्वामी प्रसाद पर जूता फेंकने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने हमलावर युवक को पकड़ लिया। उसको पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस उसे बचाने का प्रयास करती रही। लेकिन सपा कार्यकर्ता बार-बार उसको पीटना शुरू कर देते। बमुश्किल युवक को पुलिस ने छुड़ा पाई।

स्थिति बिगड़ी, पुलिस जीप तक नहीं मिली

हमलावर युवक ने अपना नाम आकाश सैनी बताया है। उसने कहा कि-हम पूजा-पाठ करने वाले हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को एक सरकारी जीप तक नहीं मिली। वह ऑटो करके हमलावर युवक को पकड़कर थाने ले गई है। ये पूरा वाकया लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई।

दरअसल, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को पिछड़ा वर्ग के महापुरुषों पर चर्चा के लिए आज ओबीसी महासम्मेलन रखा गया है। यहां अखिलेश यादव पहुंचने वाले थे। करीब 11.30 बजे स्वामी प्रसाद मौर्य महासम्मेलन में पहुंचे। यहां ओबीसी समाज के महापुरुषों के राजनीतिक परिवेश पर चर्चा शुरू होने वाली थी।

सपा ने अपने सम्मेलन में मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी और बिंद समाज के पूर्व मंत्रियों, विधायक, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व राज्यसभा सांसदों को बुलाया था। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक युवक ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंका। इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने उसको पकड़ लिया। सुरक्षा में तैनात गार्ड और कार्यकर्ताओं ने युवक की पिटाई कर दी। उसको इतना पीटा कि वह बेसुध हो गया।

पुलिस बमुश्किल आकाश को बचाकर बाहर लाई

पुलिस ने पहुंचकर आकाश को कार्यकर्ताओं से छुड़ाया। उसको कस्टडी में लिया। होश में आने पर उससे पूछताछ की गई। उसने सिर्फ इतना कहा कि हम पूजा-पाठ करने वाले हैं। इसके बाद पुलिस उसको ऑटो में लेकर परिसर से निकल गई। अब उससे डिटेल में पूछताछ की जा रही है।

राजभर बोले-ये सपाई खुद कर रहे हैं

ओपी राजभर ने कहा,”पिछड़ों का सपा में सम्मान नहीं है। दलितों का सम्मान नहीं है। 4 बार की सरकार में इन्हें धोखा दिया। ये सम्मेलन ओबीसी और दलित को धोखा देने के लिए बुलाया गया। ये सपाई खुद कर रहे है। जो स्याही फेंका था, उसकी अखिलेश जी के साथ फोटो वायरल हो गई।