आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: रीवा में सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा, ‘हिंदुओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि 26 दलों का जो कुनबा बना है, वह मोदी की कब्र खोदकर गाड़ने का प्रयास कर रहा है। सभी विपक्षी दल घमंड के साथ कहते हैं कि मोदी को हम सब मिलकर गाड़ेंगे, लेकिन जनता कहती है कि जो सनातन धर्म को गाड़ने की बात करेगा, उसे हम जिंदा गाड़ देंगे। चाहे जिस पार्टी का नेता हो।’
रीवा में इन दिनों जन आशीर्वाद यात्रा चल रही है। यात्रा शुक्रवार को देवतालाब विधानसभा क्षेत्र से शुरू हुई। गोरखपुर सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन भी यात्रा में शामिल थे। यात्रा शाम 7 बजे के आसपास मनगवां पहुंची। सांसद जनार्दन मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म से जुड़े बयान पर पलटवार किया।
सांसद मिश्रा ने कहा कि उदयनिधि ने अपने भाषण में सनातन धर्म की शुद्धता पर हमला किया है। साउथ के नेताओं का कहना है कि सनातन धर्म फिजूल है। कर्नाटक के गृहमंत्री और कांग्रेस के लोगों का भी यही कहना है कि सनातन धर्म कहां से आया। यही बयान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे और इनके बेटे के साथ राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का भी है।
उन्होंने आगे कहा, जब तक कर्नाटक का चुनाव नहीं हुआ था, तब तक ये मठ-मठ, मंदिर-मंदिर घूमते थे। पूजा-पाठ करते थे। माथे पर तिलक और जनेऊ पहनते थे। कमलनाथ भी त्रिपुंड लगाए घूमते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, लेकिन इनकी हकीकत कुछ और ही है।
सांसद जनार्दन ने दी पूर्व सीएम कमलनाथ को सलाह
रीवा सांसद ने कहा कि कमलनाथ ऐसे नेताओं की निंदा करें और राहुल गांधी को कहें कि हिंदू धर्म के खिलाफ बोलने वाले सनातन धर्म को कोरोना कहने वाली पार्टी के नेताओं से नाता तोड़ लें। अगर कमलनाथ ऐसा करेंगे तो हम मानेंगे की वह ठीक त्रिपुंड लगाते हैं। ठीक-ठाक पूजा-पाठ करते हैं। नहीं तो साउथ के नेता जैसे आज हिंदू धर्म को गालियां दे रहे हैं, वैसे ही एमपी में वोट तक ये भी मठ-मंदिर जाएंगे और इसके बाद गालियां देना शुरू कर देंगे। मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ भी ऐसा ही करेंगे, इसलिए इनको पहचानने की जरूरत है। जिस तरह मोदी को धरती में गाड़ने की बात ये करते हैं, उसी तरह इनकी विचारधारा और सनातन धर्म विरोधी विचारधारा को गाड़ने की जरूरत है।
सांसद जनार्दन मिश्रा पहले भी ऐसे बयान दे चुके हैं…
कलेक्टर की कॉलर पकड़ लेना: एक साल पहले स्व. भगवतशरण माथुर की 71वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में जनार्दन मिश्रा ने कहा था, कलेक्टर की कॉलर पकड़ लेना, किसी को एक तमाचा मारना, कमिश्नर को कुर्सी से गिरा देना, हम लोगों का काम था। कलेक्टर को एक तमाचा मार दिया जाए, तो सालभर नेतागीरी, दो साल की नेतागीरी हो जाती थी।
मोदी के दाढ़ी फटकारने पर 50 लाख आवास झड़ते हैं: दो साल पहले सांसद ने PM नरेंद्र मोदी की दाढ़ी से जोड़कर टिप्पणी की। रीवा की सेमरिया में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, जब तक इस देश में सबको पीएम आवास न मिल जाएगा, तब तक मोदी की दाढ़ी से पीएम आवास झड़ते रहेंगे। एक बार अपनी दाढ़ी को फटकारते हैं तो 50 लाख घर निकलते हैं।